गोरखपुर। पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य वाणिज्य प्रबंधक (सीसीएम) और मंडल रेल प्रबंधक लखनऊ (डीआरएम) के बीच कर्मचारियों के तबादले को लेकर आंतरिक जंग छिड़ गई है। सीसीएम ने जिन 14 कर्मचारियों के तबादला का निर्देश दिया था उसे नीतिगत प्रक्रिया को नजरअंदाज करने वाला और अनुचित बताकर मानने से इंकार कर दिया है। दो अफसरों के बीच टकराहट में कर्मचारी उलझकर रह गए हैं। पांच से ज्यादा कर्मचारियों ने नए स्थान पर ज्वाइन भी कर लिया है।
सीसीएम दफ्तर से तबादला संबंधित जारी आदेश छह माह के भीतर के हैं। इसमें पार्सल कार्यालय गोरखपुर के चार, खलीलाबाद, सहजनवां और ईक्यू सेल गोरखपुर के एक-एक, बस्ती, गोंडा व आनंदनगर के दो-दो, बुकिंग कार्यालय गोरखपुर से एक कर्मचारी शामिल हैं। डीआरएम लखनऊ ने सीसीएम को पत्र लिखकर कहा है कि मंडल में नियंत्रित कर्मचारियों को तबादला निर्धारित प्रक्रिया के तहत किया जाता है। इसमें प्रशासनिक जरूरत एवं कर्मचारी को तबादला के पहले पारिवारिक आधार पर दी गई प्रार्थना पत्र पर विचार किया जाता है। संवेदनशील पदों पर कार्यरत कर्मचारियों के संबंध में रेलवे बोर्ड ने भी नीति जारी किया है। डीआरएम ने सुझाव भी दिया है कि अगर तबादला संबंधित प्रार्थना प्रस्ताव प्राप्त होता है तो उसे मंडल स्तर पर कार्रवाई के लिए भेजा जाए।
इनका हुआ तबादला
रंजीत सिंह, राजेश कुमार गोंड, प्रवीन कुमार चौधरी, संजीव कुमार मिश्रा (सभी पार्सल कार्यालय, गोरखपुर), अजय कुमार शर्मा (खलीलाबाद), रमेश चंद गौतम एवं मो. अनवर (आनंदनगर), योगेंद्र कुमार श्रीवास्तव (ईक्यू सेल गोरखपुर), राहुल कुमार व सरफराज अहमद (बस्ती), नितिन श्रीवास्तव (सहजनवां), राज बहादुर आर्य, महबूब आलम (गोंडा), सिराज अहमद (बुकिंग कार्यालय, गोरखपुर)