महराजगंज। सोहगीबरवां वन्य जीव प्रभाग के वन चेतना केंद्र को जगमग करने के लिए प्रस्तावित 75 लाख रुपये की कार्ययोजना को मंजूरी मिल गई है। यही नहीं काम शुरू करने के लिए शासन स्तर से 38 लाक रुपये पहली किस्त के रूप में जारी भी कर दिए गए हैं। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए वन्य जीव प्रभाग के प्यास व रोहिन नदी पर चार जगह अस्थायी पुल भी बनाने की तैयारी है।
शासन ने कार्ययोजना को अमलीजामा पहनाने के लिए रकम भेजने के साथ ही कार्यों का निर्धारण करते हुए इसकी रूपरेखा भी तय कर दी है। इसके तहत पहली किस्त के रूप में प्राप्त रकम से वन चेतना केंद्र, डीएफओ कार्यालय व गेस्ट हाउस सोलर लाइट से जगमग किए जाएंगे। इसके अलावा रोहिन व प्यास नदी पर चार अस्थायी पुल बनाए जाएंगे। सोहगीबरवां वन्यजीव प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी मनीष सिंह ने बताया कि वन चेतना केंद्र को संवारने, जंगल के किनारे तार लगवाने, डाक बंगलों एवं अन्य कार्यालयों पर सोलर लाइट लगवाने एवं सिंगरहना व दर्जीनिया ताल पहुंचने वाले सैलानियों को सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए 75 लाख रुपये की कार्ययोजना प्रस्तावित की गई थी। कार्ययोजना मंजूर होने के साथ ही शासन स्तर से पहली किस्त के रूप में 38 लाख रुपये जारी भी कर दिए गए हैं।
डीएफओ ने बताया कि रोहिन व प्यास नदी पर बरसात के दिनों में ध्वस्त हुए चार अस्थायी पुलों के स्थान पर फिर से अस्थायी पुल बनवाए जाएंगे। इसमें से दो पुल प्यास नदी और दो पुल रोहिन नदी पर बनाए जाएंगे। इससे चारों पुलों के रास्ते से होकर आने जाने वालों तथा वन कर्मियों को गश्त तेज करने में आसानी होगी। चौक से ढेढ़ीघाट आदि गांवों को जाने के लिए रोहिन नदी व चौक से वनग्रामों को जोड़ने के लिए प्यास नदी पर देईभार के पास लोगों को आने जाने तथा जगंल में गश्त के लिए अस्थायी पुल बने थे। ये पुल बरसात के दिनों ध्वस्त हो गए थे। पुल ध्वस्त होने से वनकर्मियों को गश्त तथा लोगों को आने जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। डीएफओ ने बताया कि शासनस्तर से जारी गाइड लाइन के अनुरूप प्राप्त रकम से कार्य कराए जाएंगे। वन चेतना केंद्र पर वन्य जीवों की चित्रकारी के साथ परिसर को नया लुक दिया जाएगा। इसके साथ ही जंगलों के किनारे तार भी लगाए जाएंगे।