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भाषा के संगम में डूबकी लगा रहे विद्यार्थी

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कन्नड़ में दे रहे परिचय, कश्मीरी में नमस्कार
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केंद्रीय विद्यालय नंबर एक में 22 क्षेत्रीय भाषाओं का गुर सीख रहे विद्यार्थी
यू-ट्यूब पर अपलोड वीडियो को मिल रही सराहना
विवेक सिंह
गोरखपुर। केंद्रीय विद्यालय नंबर एक, एयरफोर्स के विद्यार्थी इन दिनों क्षेत्रीय भाषाओं के संगम में डूबकी लगा रहे हैं। भाषायी सहिष्णुता एवं राष्ट्रीय एकता को बढ़ावा देने के लिए यहां के शिक्षक दूसरी भारतीय भाषाओं में विद्यार्थियों को संवाद करने का गुर सिखा रहे हैं। रोजाना इन विद्यार्थियों को प्रार्थना में 22 क्षेत्रीय भाषाओं में से किसी एक से संबंधित बोलचाल के शब्द और संवाद से जुड़ी पांच पंक्तियां बताई जा रही हैं।
केंद्रीय विद्यालय नंबर एक के छात्रों का वीडियो रिकार्ड कर भाषा के यू-ट्यूब चैनल पर भी अपलोड किया गया है। जिसे काफी सराहना मिल रही है। इन वीडियो में बच्चों को क्षेत्रीय भाषाओं में नमस्कार के साथ अपना पूरा परिचय देने सरीखी आवश्यक जानकारी दी जा रही है।
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भाषा अच्छी हुई तो पुरस्कृत होंगे विद्यार्थी
मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने सभी स्कूलों को छात्रों का अन्य भाषा में संवाद करते हुए वीडियो बनाकर बोर्ड के पास भेजने का निर्देश दिया है। इसे 21 तक मंत्रालय को भेजना होगा। जिन स्कूलों के छात्रों की क्षेत्रीय भाषा अच्छी होगी, उन्हें मंत्रालय पुरस्कृत करेगा।

विद्यार्थी भी निभा रहे गुरु की भूमिका
केंद्रीय विद्यालय मेें बच्चों को प्रशिक्षण देने के लिए क्षेत्रीय भाषाओं के जानकारों की मदद ली जा रही है। इसके अलावा कुछ बच्चे जो हिंदी के अलावा अन्य क्षेत्रीय भाषाओं की जानकारी रखते हैं उनसे भी एक्सपर्ट के तौर पर बच्चों को प्रशिक्षण दिलाया जा रहा है।

इन भाषाओं का गुर सिख रहे
विद्यार्थियों को हिंदी के अलावा असमिया, बंगाली, बोडो, तमिल, तेलुगु, उर्दू, गुजराती, कन्नड़, कश्मीरी, कोंकणी, मैथिली, मलयाली, मणिपुरी, मराठी, नेपाली, उड़िया, पंजाबी, संस्कृत, संथाली, सिंधी, डोगरी भाषा से परिचित कराया जा रहा है।
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कोट
नवंबर से ही विद्यार्थियों को क्षेत्रीय भाषाओं में बातचीत करने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके अंतर्गत करीब 15 भाषाओं का प्रशिक्षण दिया जा चुका है। शेष का प्रशिक्षण दिया जाना बाकी है।
- संजय कुमार श्रीवास्तव, प्रिंसिपल केंद्रीय विद्यालय नंबर-एक
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