आल टीचर्स/ इंप्लाइज वेलफेयर एसोसिएशन (अटेवा) पेंशन बचाओ मंच की तरफ से रविवार को केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री शिव प्रताप शुक्ला, भाजपा और सपा सांसद के घर का घेराव किया गया। जनप्रतिनिधियों के घर के बाहर ही सामूहिक उपवास के लिए मंच बनाया, फिर नारेबाजी करके पुरानी पेंशन बहाल करने की मांग रखी। नई पेंशन स्कीम की प्रतीकात्मक प्रतियां भी फाड़ी गईं। साथ ही प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन जनप्रतिनिधियों के घर के बाहर चस्पा किया गया। उधर, सपा सांसद प्रवीण निषाद घर के बाहर प्रदर्शन कर रहे लोगों से मिले और मांगों को उचित मंच पर उठाने का भरोसा दिलाया।
पुरानी पेंशन बहाली के लिए शिक्षक, कर्मचारियों ने साझा मंच बनाया है। इससे जुड़े लोगों ने रविवार को देश के कई राज्यों में सांसदों के घर के बाहर प्रदर्शन किया और एक दिन का सामूहिक उपवास रखकर आवाज बुलंद की। अटेवा के प्रदेश मंत्री और मंडल अध्यक्ष भूपेंद्र यादव की अगुवाई में कई शिक्षक, कर्मचारी केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री शिव प्रताप शुक्ला रीड साहब धर्मशाला स्थित आवास पहुंचे। वहां उपवास किया और प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन केंद्रीय मंत्री के घर के बाहर चस्पा कर दिया। बांसगांव से भाजपा सांसद कमलेश पासवान के घर का घेराव भी किया गया।
शिक्षक, कर्मचारियों ने सपा सांसद प्रवीण निषाद के पादरी बाजार स्थित आवास के बाहर भी प्रदर्शन किया। इसकी सूचना मिली तो सांसद मौके पर पहुंचे और अटेवा के जिला संयोजक डॉ. प्रताप नारायण सिंह को जूस पिलाकर उपवास तुड़वाया। सांसद ने शिक्षक, कर्मचारियों के हक में आवाज बुलंद करने का भरोसा भी दिलाया। इस मौके पर अशोक सिंह, अभिषेक गुप्ता, राजकुमार, ध्यानेंद्र नारायण दुबे, रवींद्र प्रताप सिंह, धर्मवीर यादव, लक्ष्मी प्रजापति, प्रतिमा शुक्ला, विवेकानंद शुक्ल, अशोक कुमार सिंह, अनवर हुसैन अयाज, हरिकेश सिंह, सत्यवीर शाही, रमेश भारती, सीपी गुप्ता, रणजीत सिंह, प्रमोद आजाद, संतोष चौधरी, चंद्रभान, शैलेंद्र मोहन, राजविंदर कौर, अमरेंद्र शाही, तारकेश्वर शाही और संजय राज सिंह मौजूद रहे।
...तो बंद हो सांसद, विधायक की भी पेंशन
पुरानी पेंशन स्कीम लागू करने की मांग पर अड़े शिक्षक, कर्मचारियों को गोरखपुर सदर संसदीय सीट से सपा सांसद प्रवीण निषाद का साथ मिला है। सांसद ने अनशन और प्रदर्शन कर रहे शिक्षक, कर्मचारियों से मुलाकात की। कहा कि यदि शिक्षक, कर्मचारियों को पेंशन नहीं दी जा सकती है तो सांसद और विधायकों को दी जाने वाली पेंशन भी बंद की जानी चाहिए। सांसद ने मामले को संसद में उठाने का भरोसा दिलाया। उन्होंने प्रधानमंत्री को संबोधित पत्र भी लिखा और कहा कि कर्मचारी हित का फैसला जल्द लिया जाना चाहिए।
दिल्ली कूच करेंगे शिक्षक, कर्मचारी
पुरानी पेंशन की बहाली पर बात नहीं बनी तो शिक्षक, कर्मचारी संसद का घेराव करेंगे। वे 26 नवंबर को नई दिल्ली कूच करेंगे। शिक्षक, कर्मचारियों ने कहा कि एक देश में दो नीतियां नहीं चल सकती हैं। सांसद, विधायकों को पेंशन मिलती है, फिर भी 2005 के बाद नियुक्ति पाने वाले शिक्षक, कर्मचारियों को इससे वंचित किया गया है। इस बार पुरानी पेंशन की बहाली नहीं हुई तो केंद्र, यूपी सरकार को इसका खामियाजा भुगतना होगा।