गोरखपुर। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में होने वाले आरोग्य मित्रों के चयन पर जिला प्रशासन की सीधी नजर रहेगी। डीएम ने चेताया है कि अगर कहीं पर भी शासन की तरफ से जारी मानकों की अनदेखी कर चयन में धांधली का मामला प्रकाश में आया तो संबंधित अस्पताल के अधिकारी जिम्मेदार होंगे और उन पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
शासन के निर्देशानुसार 23 सितंबर से ही इस योजना के तहत सरकारी अस्पतालों के अलावा के निजी अस्पतालों को भी अनुबंधित किया जा रहा है। सूचीबद्ध चिकित्सालयों में प्रधानमंत्री आरोगय मित्र का चयन कर उन्हें प्रशिक्षित किया जाना है। डीएम के. विजयेंद्र पांडियन ने बताया कि आरोग्य मित्र का चयन सरकारी चिकित्सालयों और निजी चिकित्सालयों की ओर से खुद करने का प्रावधान है। उन्होंने सीएमओ को यह भी निर्देश दिया है कि वह ऐसे अवांछित तत्वों की पहचान कर उनके विरुद्ध तत्काल विधिक कार्रवाई सुनिश्चित करें, जो जिले में मानव संसाधन के चयन के नाम पर भ्रम फैला रहे हैं, या फिर योजना में भर्ती का झांसा देते हों। साथ ही यह भी जांच की जाए कि किसी कामन सर्विस सेंटर की ओर से अनाधिकृत रूप से प्रधानमंत्री आरोग्य मित्र की नियुक्ति के लिए ऑनलाइन आवेदन तो नहीं किया जा रहा है।