मध्य प्रदेश में हियुवा का फर्जी संगठन
प्रदेश महामंत्री ने लिखा मुख्य सचिव को पत्र
बोले, वास्तविक संगठन का कार्यक्षेत्र अभी यूपी
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। हिंदू युवा वाहिनी (हियुवा) का फर्जी संगठन मध्य प्रदेश और बिहार में भी चल रहा है। इसकी जानकारी संगठन के यूपी पदाधिकारियों को मिली है। अब प्रदेश महामंत्री पीके मल्ल ने मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की है।
हियुवा के संरक्षक गोरक्ष पीठाधीश्वर और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हैं। इसी का फायदा उठाने की कोशिश में मिलते-जुलते नाम वाले संगठन जुटे हुए हैं। प्रदेश महामंत्री का कहना है कि पश्चिमी यूपी में योगी सेना का गठन किया गया है, जिसका वास्तविक संगठन से कोई लेना-देना नहीं है। बिहार, मध्य प्रदेश सहित कई राज्यों में भी हियुवा के नाम से धरना-प्रदर्शन किया गया। इसकी अनुमति किसी को नहीं थी। हियुवा का कार्यक्षेत्र अभी यूपी है। यूपी से बाहर के राज्यों में इस संगठन से लोग जुड़े हैं लेकिन आंदोलन की इजाजत किसी को नहीं है। सोशल मीडिया के माध्यम से कोई भी विचार व्यक्त कर सकता है।
हियुवा से मिलते-जुलते नाम वाले संगठनों ने बढ़ाई मुसीबत
हियुवा से मिलते-जुलते नाम वाले संगठनों ने वास्तविक संगठन के पदाधिकारियों की मुश्किल बढ़ा दी है। महामंत्री पीके मल्ल ने बताया कि युवा हिंदू वाहिनी, राष्ट्रवादी हिंदू युवा वाहिनी, राष्ट्रवादी युवा वाहिनी और हिंदू युवा वाहिनी (भारत) के नाम से संगठन बनाए गए हैं। तमाम संगठन ऐसे हैं, जिनके पंजीकरण रजिस्ट्रार चिट एंड फंड से नहीं हैं। इनमें से एक भी फर्म का पंजीकरण गोरखपुर से नहीं है।
अब कार्रवाई संभव
गोरखपुर में विवाद के बाद मिलते-जुलते नाम वाले संगठनों के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। दरअसल, कभी हियुवा से जुड़े सुनील सिंह ने अलग संगठन बनाया और वास्तविक संगठन के पदाधिकारियों को तोड़ने में जुट गए। इसका विरोध हुआ तो मामला मारपीट तक जा पहुंचा। राजघाट थाने के पास हंगामा हुआ और 11 के खिलाफ नामजद और 40 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज हुआ। इस मामले में 11 आरोपी जेल जा चुके हैं।