गोरखपुर। बारिश तो कभी धूप। फुहारों के बीच ठंडी हवा तो कभी बदरी में बढ़ी उमस। मौसम का मिजाज लोगों का हाल बेहाल कर रहा है। तापमान में तीव्र बदलाव के चलते लोग वायरल फीवर और सर्दी-खांसी की चपेट में आ रहे हैं। जिला अस्पताल में पहुंचने वाला हर दूसरा मरीज इससे ही पीड़ित है।
सर्दी-जुकाम, बदन दर्द, शरीर में अकड़न, सिरदर्द, खांसी आदि से परेशान इन मरीजों को चिकित्सक दवा से ज्यादा परहेज की नसीहत दे रहे हैं। दरअसल, इन दिनों वातावरण में नमी के चलते वायरस और फंगस तेजी से पनपते हैं। आम दिनों में 13 से 15 सौ तक मरीजों तक वाली ओपीडी में इन दिनों दो हजार के पार मरीज आ रहे हैं। एसआईसी डॉ. राज कुमार गुप्ता ने बताया कि हर सौ मरीजों में से 50-60 मरीज वायरल बुखार के पहुंच रहे हैं।
धूप से आकर तुरंत न पीएं ठंडा पानी
फिजीशियन डॉ. बीके सुमन ने बताया कि इस मौसम में तेज धूप और गर्मी से घर पहुंचें तो तुरंत ठंडा पानी या कोल्ड ड्रिंक पीने से बचें। इससे गले में संक्रमण से खांसी और जुकाम हो सकता है। फ्रिज में रखे खाने के सेवन से भी तबियत बिगड़ सकती है। बाहर की चीजें भी खाने से बचें। कहीं जाएं तो मुंह और नाक ढंक कर रखें। प्यास महसूस हो तो सामान्य तापमान का पानी पीएं।
वायरल में आयुर्वेद भी काफी कारगर
आयुष विंग में तैनात डॉ. आशीष त्रिपाठी के मुताबिक आयुर्वेद में वायरल बुखार के पीछे प्रतिरोधक क्षमता कम होना कारण माना गया है। इसके चलते लोग वायरस और फंगस की चपेट में आकर बीमार पड़ते हैं। ऐसे मरीजों को बाहर की चीजें न खाने और गुनगुना पानी पीने का सुझाव दिया जाता है। साथ ही उन्हें सुबह कुछ पत्ते तुलसी के खाने की भी राय देते हैं। इसके साथ ही गुरुच (गिलोय) का सेवन भी मरीज के लिए लाभप्रद होता है। इससे मरीज की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। लक्षणों के हिसाब से कुछ अन्य आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियां सुझाई जाती हैं।