सूबे में खेल को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश सरकार के प्रयासों पर जिम्मेदार पानी फेर रहे हैं। ताजा मामला रीजनल स्पोर्ट्स स्टेडियम में होने वाले सब जूनियर और जूनियर बालक-बालिका टीम के चयन के लिए होने वाले ट्रायल से जुड़ा है। जिम्मेदारों ने यहां स्वीमिंग पूल तैयार हुए बिना ही जिला स्तरीय ट्रायल के लिए गुरुवार का दिन निर्धारित कर दिया है। अब सवाल उठना लाजमी है कि अगर पूल तैयार नहीं है तो खिलाड़ियों का ट्रायल कहां और कैसे होगा। अफसरों की इस कारस्तानी से नुकसान खिलाड़ियों का ही होना है।
खेल निदेशालय की ओर से प्रदेश स्तरीय सब जूनियर वर्ग की तैराकी प्रतियोगिता 19-21 मई तक वाराणसी और जूनियर वर्ग की प्रतियोगिता बरेली में 26-28 मई तक होना प्रस्तावित है। इसमें भाग लेने के लिए खिलाड़ियों को पहले जिला और फिर मंडल स्तरीय ट्रायल की बाधा पार करनी है। क्षेत्रीय खेल कार्यालय और जिला तैराकी संघ ने ट्रायल का जो टाइम टेबल तैयार किया है, उसके मुताबिक, सब जूनियर वर्ग का जिला स्तरीय ट्रायल 10 मई और जूनियर वर्ग का 18 मई को रीजनल स्टेडियम में होना है। मगर जिम्मेदारों ने ट्रायल का दिन निर्धारित करने के दौरान इस बात का ख्याल ही नहीं रखा कि स्वीमिंग पूल अभी तैयार नहीं है।
नहीं पाएगा गोरखपुर का प्रतिनिधित्व
बिना ट्रायल गोरखपुर के खिलाड़ियों को राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेने का मौका नहीं मिल पाएगा। ऐसे में पूरे साल तैयारी करने वाले खिलाड़ियों का सर्वाधिक नुकसान होगा। सूत्रों की मानें तो ऐसे में जिम्मेदार कागज में चयन प्रक्रिया पूरा दिखाते हुए चहेतों को मंडल स्तरीय ट्रायल में भेज देते हैं। ये कोई पहली दफा नहीं है। पहले भी ऐसी कारस्तानियों को बखूबी अंजाम दिया जाता रहा है।
स्वीमिंग पूल अभी अधूरा है। ऐसे में तैराकी संघ को ट्रायल के लिए किसी दूसरे पूल का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है। खिलाड़ियों का अहित किसी कीमत पर नहीं होगा।
- एके पांडेय, क्षेत्रीय क्रीड़ाधिकारी