राम प्रसाद बिस्मिल मेले का शुभारंभ किया गया।
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पंडित राम प्रसाद बिस्मिल शहीद मेला और खेल महोत्सव के तीसरे दिन रविवार को विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि मेयर सीताराम जायसवाल ने कहा कि भारत का भविष्य सोशल मीडिया के ताने-बाने में उलझकर रह गया है। खेल के मैदान, एनसीसी, एनएसएस, वाद-विवाद से विद्यार्थी दूर होते जा रहे हैं। पाठ्यक्रमों से राष्ट्र भक्ति की कहानियां और गीत गायब होते जा रहे हैं और अंग्रेजों की ओर से लिखवाया गया झूठा इतिहास पढ़ाया जा रहा है। शिक्षाविदों को पुन: विचार करने की आवश्यकता है कि भारत की युवा शक्ति को किस प्रकार विभिन्न शैक्षणिक और खेलकूद की गतिविधियों में संलग्न करें। पं राम प्रसाद बिस्मिल शहीद मेला एवं खेल महोत्सव जैसे कार्यक्रम प्रेरणा प्रदान करते है एवं सांस्कृतिक गौरव का आभास कराते है।
मुख्य वक्ता प्रो. अजय शुक्ला ने कहा कि राष्ट्र एवं राष्ट्रवाद की चर्चा करना उससे संबंधित कार्यक्रमों का सृजन करना केवल औपचारिकता मात्र नहीं है। यह वर्तमान की नितांत आवश्यकता है। कार्यक्रम की शुरूआत अध्यक्ष अतुल सर्राफ ने दीप प्रज्जवलित कर किया। इस अवसर पर राष्ट्र भक्ति गीत, नृत्य, स्वरचित कविताओं की मनोहारी प्रस्तुति ने कलाकारों ने शमा बांध दिया। कार्यक्रम में भारत स्वाभिमान ट्रस्ट, पतंजली योग समिति, सर माउंट इंटरनेशनल स्कूल, संस्कृति पब्लिक स्कूल, एडी पब्लिक स्कूल (नटवा जंगल), राष्ट्रीय सेवा योजना आदि संगठनों से जुड़े युवाओं की उपस्थिति रही।
इस दौरान राकेश श्रीवास्तव, प्रो. शरद कुमार, नलिनी सिन्हा, मंदाकिनी गुप्ता, प्रभाकर शुक्ला, दिवाकर चतुर्वेदी, अखिलेश कुमार तिवारी, प्रदीप, प्रेम नाथ सिंह, राजेश पांडेय, अशोक मिश्रा, वैभव, मनीष, निलेश, निर्भय, राजेन्द्र, अविनाश गुप्ता, संतोष श्रीवास्तव आदि मौजूद रहे।