गोरखपुर यूनिवर्सिटी में 11 जनवरी से तीन दिनों तक चलने वाले गोरखपुर महोत्सव में स्थानीय कलाकारों के साथ ही लोक कलाकारों को भी तरजीह दी जाएगी। कमिश्नर अनिल कुमार ने रविवार को अपने कैंप दफ्तर पर स्थानीय कलाकारों के साथ बैठक कर महोत्सव की रूपरेखा पर चर्चा की। इस दौरान उन्होंने कलाकारों को आश्वस्त किया कि महोत्सव में गोरखपुर और उसके आस-पास के जिलों के स्थानीय कलाकारों की कलाओं को प्रोत्साहित करने के लिए मंच प्रदान किया जाएगा, ताकि उनकी मेधा को विशेष पहचान मिल सके।
स्थानीय कलाकारों को महोत्सव में ज्यादा महत्व मिले, इसके लिए कमिश्नर ने एक समिति का गठन किया। राकेश श्रीवास्तव (भोजपुरी गायक), शरद मणि त्रिपाठी (संगीतकार) शैलेष मणि त्रिपाठी (व्यंगकार) को इस समिति का सदस्य बनाया गया है। कमिश्नर ने समिति को स्थानीय कलाकारों का चयन कर सोमवार की दोपहर तक सूची उपलब्ध कराने के लिए कहा। शाम पांच बजे कमिश्नर सभी चयनित कलाकारों के साथ आयुक्त सभागार में बैठक करेंगे। महोत्सव की अन्य तैयारियां जांचने के लिए उन्होंने सोमवार की दोपहर दो बजे से भी एक बैठक बुलाई है, जिसमें तैयारियों से जुड़े सभी प्रभारी अधिकारियों को अनिवार्य तौर पर उपस्थित रहने के लिए कहा गया है।
बैठक में नोडल अधिकारी एवं एडीएम (फाइनेंस) डॉ. चंद्रभूषण त्रिपाठी, संस्कार भारती के शरद मणि त्रिपाठी, शैलेष मणि त्रिपाठी, बाल स्वर से अचिन्त्या लहरी, भोजपुरी एसोसिएशन ऑफ इंडिया के राकेश श्रीवास्तव, काशी नरेश चौबे, शिवेंद्र पांडेय एवं यशवंत चौधरी आदि उपस्थित रहे।