चाइनीज मांझे से हो रहीं दुर्घटनाओं पर हाई कोर्ट की सख्ती के बाद शासन भी हरकत में आया है। प्रमुख सचिव अरविंद कुमार ने जनहित याचिका अनुराग मित्रा बनाम उत्तर प्रदेश राज्य में कोर्ट की तरफ से दिए फैसले का हवाला देते हुए सूबे के सभी डीएम, एसएसपी को अभियान चलाकर चाइनीज मांझे और नायलान पतंग की डोरी बेचने वालों पर कार्रवाई के लिए कहा है। हिदायत दी है कि किसी भी दशा में ऐसे डोर की बिक्री नहीं होने पाए।
देश के कई राज्यों के बाजारों में पैठ बना चुका चाइनीज मांझा कईयों की मौत का कारण भी बन चुका है। बरेली, मेरठ और गोरखपुर समेत प्रदेश के ही कई जिलों में इस मांझे से दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। इनमें कुछ लोगों की जान पर भी बन आई। दो महीने पहले ही शहर के लालडिग्गी पार्क के पास छत पर एक बच्चे की पतंग बिजली के तार में फंस गई। चश्मदीदों का कहना था कि पतंग छुड़ाने पहुंचे उसके पिता ने मांझे की डोर पकड़ी और करंट की चपेट में आ गए। इस हादसे में उनकी मौत हो गई थी।
डीएम ने 30 नवंबर तक की दी मोहलत
डीएम राजीव रौतेला ने सभी एसडीएम को पुलिस की मदद से अपने-अपने क्षेत्र में चाइनीज मांझा और पतंग के सभी दुकानों, गोदामों की जांच कर 30 नवंबर तक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। आदेश मिलने के बाद एसडीएम ने तहसीलदार, नायब तहसीलदार समेत सभी कानूनगो, लेखपालों को जांच में लगा दिया है।