देवरिया। लार में पल्लेदार पशुपति राजभर के दो बच्चों की कुपोषण से मौत के बाद बच्चों के सही पोषण का सवाल उठ खड़ा हुआ है। ऐसे में अक्टूबर में चले अभियान में जिले में कुपोषित और अतिकुपोषित की श्रेणी में मिले 1.15 लाख बच्चों को स्वास्थ करने की चुनौती बढ़ गई है। तीन दिन तक आयोजित वजन दिवस अभियान में 3.31 लाख बच्चों का भार मापा गया था। इसमें 35959 अति कुपोषित और 79404 बच्चे कुपोषित मिले थे। जिले में 24 से 27 अक्टूबर को वजन दिवस के माध्यम से चिह्नित केंद्रों पर बच्चों का भार मापा गया। छूटे बच्चों का 30 अक्टूबर को वजन किया गया। इस अभियान में शून्य से तीन और तीन से पांच साल के 3 लाख 31 हजार 294 बच्चों का वजन हुआ। जांच में 79404 बच्चे कुपोषित और 35959 बच्चे अति कुपोषित मिले। पूरे जिले में 115363 कुपोषित और अति कुपोषित बच्चे पाए गए है। चिह्नित बच्चों को स्वस्थ बनाने के लिए विभाग की ओर से चलाए गए अभियान में शामिल किया गया है। जिला कार्यक्रम अधिकारी केएन पांडेय ने कहा कि जिले में चलाए गए वजन दिवस के अंतर्गत कुपोषित और अति कुपोषित बच्चों को चिह्नित किया गया है। पोषण मिशन के तहत चलने वाले कार्यक्रम के माध्यम से इन बच्चों को स्वस्थ बनाया जाएगा।
जिला अस्पताल में संचालित हो रहा कुपोषण आवास केंद्र ः देवरिया। जिला अस्पताल में कुुपोषण आवास केंद्र संचालित हो रहा है। इसमें जिले के अति कुपोषित बच्चों का इलाज रखकर किया जाता है। बच्चों के साथ रहने वाले एक व्यक्ति का भी टीए/डीए भी मिलता है।