गोरखपुर। निकाय चुनाव के मद्देनजर एक तरफ जहां खादी के पहनावे की मांग बढ़ गई है वहीं मुंबई, राजस्थान, दिल्ली के बाद गोरखपुर की खादी की चमक अब विदेशों में भी बढ़ने वाली है। इसके लिए गांधी आश्रम के क्षेत्रीय कार्यालय का राजस्थान खादी संघ से करार हुआ है। इसके तहत हाल ही में 18 लाख रुपये की खादी की सप्लाई जयपुर को की गई है। वहां से गोरखपुर की खादी फ्रांस, जर्मनी, साउथ अफ्रीका, जापान, इटली समेत अन्य कई मुल्कों में भेजी जाएगी।
क्षेत्रीय गांधी आश्रम कार्यालय गोलघर के सचिव विश्वेश्वर नाथ तिवारी ने बताया कि दो सालों से जयपुर स्थित राजस्थान खादी संघ को गोरखपुर की खादी की सप्लाई भेजी जा रही थी। यहां की खादी के सैंपल विदेशों में भी भेजे गए थे, जहां इसे बेहद पसंद किया गया। अब वहां से गोरखपुर की खादी की एडवांस बुकिंग हो रही है। इसके बाद ही राजस्थान खादी संघ ने बड़े पैमाने पर खादी की डिमांड की है।
गोलघर गांधी आश्रम से गोरखपुर, महराजगंज और देवरिया के करीब 2200 बुनकर जुड़े हुए हैं। हाथ से कती और बुनी होने से इसके दाम अन्य कपड़ों से महंगे होते हैं। प्राकृतिक धागे और रंग से बनी होने से ये हर मौसम में आरामदायक होती है। विदेशी कंपनियों के गांधी आश्रम के साथ हाथ मिलाने से खादी को नया रूप-रंग मिलेगा। इसके शौकीनों की संख्या भी बढ़ने की उम्मीद है।
रेमंड से भी हुआ करार
गोलघर स्थित गांधी आश्रम का मुंबई के ठाणे स्थित रेमंड कंपनी से पूर्व में करार हुआ है। जल्द ही यहां की खादी नए कलेवर और डिजाइन में पूरे देश में धूम मचाती नजर आएगी। इससे खादी के शौकीनों को बदलते फैशन के दौर में अप-टू-डेट होने में आसानी होगी। पहले ऑर्डर के तौर पर रेमंड को एक लाख रुपये की खादी की सप्लाई एक हफ्ते पहले ही भेजी गई है। साथ ही खादी के और सैंपल भी भेजे गए हैं।