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चांदनाथ का गोरखपुर से था गहरा नाता

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टीपी शाही
गोरखपुर।
हरियाणा के रोहतक में स्थापित नाथ संप्रदाय के बाबा मस्तनाथ मठ स्थल बोहर के महंत चांदनाथ का गोरक्षपीठ से गहरा नाता था। चांदनाथ योगी महासभा के उपाध्यक्ष थे। योगी आदित्यनाथ को गोरक्ष पीठाधीश्वर बनाने की प्रक्रिया में भी चांदनाथ का अहम योगदान था।
बाबा मस्तनाथ मठ के महंत और अलवर के सांसद चांदनाथ का शनिवार देर रात दिल्ली के अपोलो अस्पताल में निधन हो गया था। इसकी खबर जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को मिली तो उन्होंने रविवार को गोरखपुर आने का कार्यक्रम टाल दिया। चांदनाथ के निधन के बाद ही गोरक्षपीठ से उनके संबंधों की जानकारी मिल सकी। गोरखनाथ मंदिर के सचिव द्वारिका तिवारी ने बताया कि देश-विदेश में फैले नाथ पंथ एवं अन्य पंथों के योगेश्वरों की संस्था अखिल भारतवर्षीय भेख बारह पंथ योगी महासभा की स्थापना ब्रह्मलीन महंत दिग्विजयनाथ एवं मस्तनाथ आश्रम के महंत श्रेयोनाथ ने मिल कर की थी। दिग्वियनाथ को इसका अध्यक्ष और महंत श्रेयोनाथ को उपाध्यक्ष बनाया गया था। बाद में गोरक्ष पीठाधीश्वर अवेद्यनाथ अध्यक्ष बने और चांदनाथ को उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी मिली। जब अवेद्यनाथ का निधन हुआ तो गोरखनाथ मंदिर में देशभर के योगेश्वर भी जुटे। महंत चांदनाथ भी गोरखनाथ मंदिर पहुंचे। अंतिम संस्कार की प्रक्रिया उन्हीं के दिशा-निर्देशन में पूरी की गई थी।
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गोरखपुर में बने थे योगी महासभा के उपाध्यक्ष
गोरखनाथ मंदिर में ही महंत चांदनाथ को योगी महासभा का उपाध्यक्ष चुना गया था। मंदिर के सचिव ने बताया कि महंत चांदनाथ के नेतृत्व में ही योगी आदित्यनाथ को योगी महासभा का अध्यक्ष चुना गया। उन्हीं की मौजूदगी में योगी को गोरक्ष पीठाधीश्वर की कुर्सी पर आसीन कराया गया। धार्मिक अनुष्ठानों के बीच महंत चांदनाथ ने योगी की खूब प्रशंसा की थी।
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