गोरखपुर। बाढ़ में जल जनित बीमारियों एवं इंसेफेलाइटिस से बचाव के लिए डाक्टरों ने वाटर प्यूरीफिकेशन ऑफ होलिया मॉडल तैयार किया है। इससे बाढ़ ग्रसित क्षेत्रों के लोग आसानी से दूषित जल को शुद्ध कर इस्तेमाल सकेंगे।
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन गोरखपुर के अध्यक्ष डॉ. बीबी गुप्ता, उपाध्यक्ष डॉ. जेपी जायसवाल, सचिव डॉ. शशांक कुमार, पूर्व अध्यक्ष डॉ. डीके सिंह और इंसेफेलाइटिस उन्मूलन अभियान के चीफ कैंपेनर डॉ. आरएन सिंह ने शहर के एक होटल में संयुक्त प्रेस वार्ता करते हुए बताया कि बाढ़ ग्रसित क्षेत्रों में पानी के कम होने के बाद तमाम जलजनित बीमारियां जैसे डायरिया, उल्टी-दस्त, इंसेफेलाइटिस आदि रोग होने के प्रबल आसार होते हैं। इनसे बचने के लिए सबसे जरूरी है कि बाढ़ पीड़ित लोग शुद्ध जल का सेवन करें। डॉ. आरएन सिंह ने बताया कि होलिया मॉडल ऑफ वाटर प्यूरीफिकेशन से पानी को आसानी से शुद्ध कर सकते हैं। प्लास्टिक की बोतलों में पानी भरकर छह घंटें तक सूरज की रोशनी में उन्हें रख दें। यदि बोतलें काले रंग से पेंट की हुई सतह पर रखते हैं तो और बेहतर परिणाम होगा। यह जल सुरक्षित होगा और इसका इस्तेमाल 48 घंटे तक कर सकते हैं।