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राप्ती को मिलेगी गंदगी से मुक्ति

Wed, 05 Jul 2017 01:14 AM IST
राजीव रंजन, अमर उजाला, गोरखपुर।
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राप्ती नदी। - फोटो : Amar Ujala
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आने वाले समय में राप्ती को गंदगी से मुक्ति दिलाने की योजना तैयारी की जा रही है। नदी में शहर के गंदे पानी को गिरने से रोकने के लिए करीब 100 मिलियन लीटर/डे (एमएलडी) क्षमता के तीन सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) स्थापित किए जाएंगे। नमामि गंगे योजना के तहत 359.8 करोड़ की दो एसटीपी की डीपीआर केंद्र सरकार को भेजी गई है। तीसरे एसटीपी के लिए भी योजना तैयार की जा रही है।
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नगर निगम के 230 नाले-नालियों का पानी रामगढ़ताल के साथ राप्ती में गिरता है। रामगढ़ताल में गिरने वाले पानी को साफ करने के लिए दो एसटीपी काम कर रहे हैं, लेकिन राप्ती में सीवेज सीधा गिरता है। यह सीवेज शहर के करीब 80 प्रतिशत क्षेत्र का है। लिहाजा राप्ती नदी काफी प्रदूषित होती है। राप्ती प्रदूषित होकर अंत में गंगा को प्रदूषित करती है। इस स्थिति को देखते हुए एनजीटी ने नदी को साफ करने के लिए बनाए जा रहे प्लान की रिपोर्ट तलब की है। एनजीटी की सख्ती को देखते हुए नगर निगम के प्रस्ताव पर जल निगम ने करीब 433 करोड़ की लागत से बनने वाले तीन एसटीपी का प्रस्ताव तैयार किया है। फिलहाल दो एसटीपी बनाने के लिए 360 करोड़ रुपये का डीपीआर प्रदेश सरकार ने नमामि गंगे योजना के तहत केंद्र सरकार को भेज दिया है, जबकि 73 करोड़ की लागत से तीसरा एसटीपी बाद में बनाने की योजना है। ये एसटीपी सुभाष चंद्र बोस नगर, महेवा और फर्टिलाइजर के पीछे बनाया जाएगा। इनके निर्माण पर 432.80 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।

- फिलहाल दो एसटीपी बनाने के लिए 359.80 करोड़ रुपये का डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) प्रदेश सरकार ने केंद्र सरकार को भेज दिया है। दोनों एसटीपी से 53 एमएलडी सीवेज साफ किया जाएगा। तीसरे एसटीपी की क्षमता 40 एमएलडी की होगी। इसके अंतर्गत सीवेज पंपिंग स्टेशनों के साथ-साथ 1361 किलोमीटर सीवर नेटवर्क का भी काम होगा।
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- रतनसेन सिंह, प्रोजेक्ट मैनेजर, रामगढ़ताल परियोजना
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