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इसी माह आतंकियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई-डीआईजी एनआईए

Tue, 27 Jun 2017 01:29 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
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बिना कीमत अदा किए कुछ नहीं मिलता। देश की स्वतंत्रता और संप्रभुता के लिए जवानों की शहादत को ऐसे ही समझा जा सकता है। देश के लिए शहीद होना हर सैनिक का सपना होता है। ऐसे में किसी जवान के शहीद होने पर आंसू नहीं बहाने चाहिए। यह कहना है एनआईए के डीआईजी एडमिन और शहीद के साले नरेंद्र नाथ धर द्विवेदी का। मझगांव घाट पर साहब शुक्ला की अंत्येष्टि के दौरान उन्होंने आतंकियों के खिलाफ सैन्य बलों की ओर से बड़ी कार्रवाई के संकेत दिए और कहा कि मई से नवंबर तक कश्मीर की सरहद पर पाकिस्तान की ओर से घुसपैठ बढ़ जाती है। नतीजतन आतंकी गतिविधियां भी, पर चिंता की बात नहीं है। इन आतंकियों के सफाए के लिए सरकार ने तेजी से अभियान छेड़ रखा है। उम्मीद कर सकते हैं कि इसी माह आतंकियों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई होगी।
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कश्मीर के हालात से जुड़े एक सवाल पर उन्होंने कहा कि पिछले कुछ समय से आतंकी गतिविधियों में इजाफा हुआ है। इसमें कहीं से सेना और सरकार की नाकामी नहीं बल्कि मई से नवंबर तक आमतौर पर ऐसा होता है। पहाड़ के हालात इन दिनों घुसपैठ के लिए मुफीद होते हैं। इसलिए सरकार ने भी इस समय आतंकियों के सफाए के लिए अभियान छेड़ रखा है। सैनिक का भी परिवार होता है। ऐसे में जब सैनिक शहीद होता है तो शोकाकुल परिवार को देखकर लोग भी संवेदना से भर जाते हैं। पर देश की सुरक्षा बंद कमरे में बैठकर नहीं हो सकती और सैनिक को खुले में उतरना पड़ता है। ऐसे में कभी-कभी किसी आतंकी की गोली उस तक पहुंचने में कामयाब हो जाती है। देश की सुरक्षा के लिए हर सैनिक यह कीमत चुकाने के लिए हर पल तैयार रहता है। इसका मतलब यह भी नहीं कि हमारी फोर्स कमजोर है। साहब शुक्ला पर गोलियां दागने वाले पाकिस्तानी आतंकियों को हमारे जवानों ने वहीं घुसकर ठोंक दिया, जहां वो बचने के लिए जा छिपे थे। सेना आतंकियों के पैंतरे जानती है। इसके मुताबिक वह भी योजना तैयार करती रहती है। संभव है कि इस माह में आतंक के खिलाफ बड़ी कार्रवाई सामने आए। आतंकी गाजी बाबा को 2003 में किया था ढेर एनआईए के डीआईजी एडमिन नरेंद्र नाथ धर द्विवेदी ने 2003 में संसद पर हमला करने वाले आतंकी गाजी बाबा को मार गिराया था। इस एनकाउंटर में वह खुद भी घायल हुए थे। उन्हें कई गोलियां लगी थीं, इनमें से एक आज भी उनके शरीर में मौजूद है। इस एनकाउंटर के बाद नरेंद्र नाथ धर द्विवेदी को प्रमोशन मिला था। युवाओं से सेना में कॅरिअर चुनने का आह्वान आतंकियों की गोली से किसी जवान के शहीद होने का यह मतलब बिल्कुल नहीं है कि सेना कमजोर है। शहादत सैनिकों के लिए प्रेरणा का काम करती है। शहीद की अंत्येष्टि में युवाओं की बड़ी संख्या में भागीदारी पर नरेंद्र नाथ धर द्विवेदी ने कहा कि इस शहादत ने युवाओं को प्रेरित होने का संदेश दिया। सेना को बेहतर एवं सम्मानजनक कॅरिअर बताते हुए उन्होंने युवाओं से इसे अपनाने का आह्वान किया।
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