शहर में प्रस्तावित एम्स को रोशन करने के लिए बिजली महकमे को 37.50 करोड़ रुपये की दरकार होगी। महकमे ने इसे लेकर प्रस्ताव तैयार किया है। मोहद्दीपुर स्थित 132 केवी ट्रांसमिशन स्टेशन से गन्ना शोध संस्थान तक भूमिगत केबल बिछेगी। इसके साथ ही वहां नया सबस्टेशन भी बनाया जाएगा। अभी एम्स के लिए कार्यदायी संस्था तय न होने से बिजली महकमे ने प्रस्ताव नहीं भेजा है।
अफसरों का मानना है कि एम्स के लिए 20 एमवीए बिजली की जरूरत होगी। शासन के निर्देश के बाद बिजली महकमे ने इसे लेकर तैयारी शुरू कर दी है। इसी कड़ी में बिजली अफसरों ने लगभग 37.50 करोड़ का इस्टीमेट तैयार किया है। चीफ इंजीनियर एके सिंह का कहना है कि एम्स के निर्माण में बिजली महकमा अपनी भूमिका को लेकर पूरी तरह गंभीर है। एम्स को बिजली मुहैया कराने के लिए मोहद्दीपुर से निर्माण स्थल तक अंडरग्राउंड केबल बिछाई जाएगी। एम्स परिसर में नया सबस्टेशन बनाकर उसे सप्लाई दी जाएगी। हालांकि, एम्स निर्माण के लिए अभी कार्यदायी संस्था का चयन नहीं हो सका है। इसलिए अभी बिजली महकमे की ओर से इस्टीमेट तैयार होने के बाद भी प्रस्ताव नहीं भेजा जा सका है। जैसे ही कार्यदायी संस्था फाइनल होगी, प्रस्ताव भेज दिया जाएगा। धन मिलते ही काम भी शुरू करा दिया जाएगा।