केरोसिन लेकर पहुंचे प्रदर्शनकारी।
- फोटो : amar ujala
गोरखपुर। मानदेय के लिए गैलन और बोतलों में केरोसिन लेकर शुक्रवार को नगर निगम में लक्ष्मीबाई पार्क में पहुंचे स्वच्छाग्रहियों को देख पुलिसकर्मियों में खलबली मच गई। दौड़कर आए पुलिसकर्मियों ने सभी स्वच्छाग्रहियों को घेरकर उनके हाथों से केरोसिन को छीना। एडीएम (प्रशासन) प्रभुनाथ ने उनके मानदेय का जल्द भुगतान कराने समेत अन्य मांगों पर भी गंभीरता से विचार करने का आश्वासन दिया। उसके बाद स्वच्छाग्रही शांति हुए।
स्वच्छ भारत मिशन के तहत स्वच्छाग्रहियों की भर्ती की गई थी। शौचालय बनवाने के लिए लोगों को जागरूक करने के साथ उन्हें कई अन्य जिम्मेदारियां भी सौंपी गई थीं। जनपद के ओडीएफ घोषित होने के बाद भी प्रशिक्षित स्वच्छाग्रहियों को भुगतान नहीं मिल सका। इससे नाराज स्वच्छाग्रहियों ने प्रदेश स्तर पर आंदोलन शुरू कर दिया। 19 से 23 नवंबर तक गोरखपुर के नगर निगम परिसर में आंदोलन चला रहे थे। प्रदेश अध्यक्ष रणजीत पांडेय, जिलाध्यक्ष शेषमणि जायसवाल ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों से वार्ता के दौरान शासन स्तर से मानदेय घोषित कराने, स्वच्छाग्रहियों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने और आकस्मिक निधन पर 25 लाख रुपये देने का प्रावधान करने की मांग उठाई।
एडीएम प्रशासन ने इन मांगों को शासन स्तर तक प्रमुखता से पहुंचाने का भरोसा दिलाया। बकाया मेहनताना की मांग उठने पर जिला पंचायत राज अधिकारी हिमांशु शेखर ठाकुर ने बताया कि 50 लाख का भुगतान किया जा चुका है। 40 लाख रुपये और भेजे जा रहे हैं। इस बात का सत्यापन कराया जा रहा है कि कितने लाभार्थियों को स्वच्छाग्रहियों ने प्रेरित किया है, जिससे कि भुगतान किया जा सके।