किन्नर गुरु किरन ने अपने चेलों के साथ रविवार को नहाय खाय के साथ छठ व्रत की शुरुआत की।
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क्षेत्र की किन्नर गुरु किरन ने अपने चेलों के साथ रविवार को नहाय खाय के साथ छठ व्रत की शुरुआत की। उन्होंने बताया कि हमारी कोई अपनी संतान नहीं होती। क्षेत्र के सभी समुदायों के यजमान ही हमारी संतानें हैं।
जब वह सुखी और संपन्न रहेंगे तभी हम लोग भी खुश रहेंगे। उन्हीं की खुशहाली और सलामती के लिए पिछले वर्ष से छठ व्रत शुरू किया। किरन ने बताया कि, रविवार शाम लौकी की सब्जी और भात का प्रसाद लेकर तीन दिनों तक निर्जल व्रत रखूगी। मंगलवार शाम घर से तीन किलोमीटर दूर घाट तक भुइयां पड़ी (जमीन पर लेटते हुए) जाएंगे।
बुधवार भोर में भगवान सूर्य को अर्घ्य देकर प्रसाद ग्रहण कर व्रत का समापन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि छठ व्रत रखने की प्रेरणा हमारे समाज की गोरखपुर की किन्नर गुरु छोटकी से मिली जिनके सानिध्य में हम यजमानों के लिए आगे भी इस तरह के व्रत और नेक कार्य करते रहेंगे। इस दौरान चेले शिल्पा, नयना, नंदिनी, बिंदु, सिंदूर, रुखसार भी मौजूद रहे।