गोरखपुर। डोमिनगढ़ स्टेशन के पास बाघ एक्सप्रेस के पटरी से उतर जाने के मामले में रेल प्रशासन ने सीनियर सेक्शन इंजीनियर (एसएसई) शशि भूषण वर्मा को निलंबित कर दिया है। तीन सदस्यीय जांच टीम ने जांच पूरी कर ली है, सोमवार को रिपोर्ट रेल प्रशासन को सौंप सकती है। सूत्रों की माने तो जांच में बिना ब्लॉक लिए रेलवे ट्रैक पर काम कराने की बात सामने आई है। इस मामले में कई और पर गाज गिर सकती है।
काठगोदाम से हावड़ा जा रही बाघ एक्सप्रेस डोमिनगढ़ स्टेशन पर 11 अक्तूबर को बेपटरी हो गई थी। ट्रेन की एसएलआर बोगी के चार पहिए पटरी से उतर गए। आवाज इतनी तेज हुई कि ट्रेन में अफरा तफरी मच गई। यात्री सामान लेकर ट्रेन से कूदने लगे। उधर, ड्राइवर ने ट्रेन रोक दी।
रेलवे स्टॉफ ने तेजी से काम करते हुए ढाई घंटे में ट्रेन को पटरी पर लाकर रवाना कर दिया था। सूत्रों की माने तो जांच में पाया गया है कि बिना ब्लॉक लिए रेल पटरी के एक बड़े टुकड़े को एक तरफ से दूसरी तरफ किया जा रहा था और इसी बीच ट्रेन आ गई। ट्रैकमैन अचानक ट्रेन देखकर घबरा गए और पटरी को ट्रैक के बीच में ही छोड़ भाग गए।
पटरी का हिस्सा ट्रेन के एसएलआर बोगी के पहिए में टकरा गया और चार पहिए उतर गए। ट्रेन की गति धीमी थी, लिहाजा बड़ा हादसा टल गया। एनईआर के सीपीआरओ संजय यादव ने बताया कि प्रथम दृष्टया लापरवाही पाए जाने पर सीनियर सेक्शन इंजीनियर को निलंबित किया गया है। जांच टीम की रिपोर्ट आने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।