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पत्रकारिता मिशन नहीं, व्यवसाय: हरिवंश

Sat, 06 Oct 2018 01:06 AM IST
अमर उजाला/गाोरख्ापुर
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राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश का स्वागत हुअा। - फोटो : amar ujala
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गोरखपुर। राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश ने कहा कि आज की पत्रकारिता के सामने दोहरी चुनौती है। बदली आर्थिक परिस्थितियों ने इसे मिशन से व्यवसाय बना दिया है। अधिक बिक्री और समाज की अपेक्षा के अनुरूप मूल्य रखने की विवशता ने एक ऐसा अर्थतंत्र विकसित कर दिया जिसमें कई जरूरी चीजें उपेक्षित हो गईं। क समय था, फ्रांस क्रांति के बाद नेपोलयिन तक ने इसका कारण अखबारों को माना था। आज वही ताकत बची है क्या, पत्रकारिता के सामने बड़ा सवाल है। क्योंकि भाषा, शिक्षा के स्तर आदि बहुत से सवाल जो देश-समाज के भविष्य से जुड़े हैं, उठाए नहीं जा रहे। पत्रकारिता बहुत कुछ कर भी रही है पर उसको इन सवालों पर जनशिक्षण का अपना दायित्व निभाना होगा।
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भारत विकास परिषद की तरफ से सरस्वती विद्या मंदिर आर्यनगर में समाज, संस्कार और पत्रकारिता पर आयोजित संगोष्ठी में ये बातें उपसभापति ने कहीं। एक रिपोर्ट के हवाले उन्होंने कहा कि भारत में शिक्षा का स्तर खराब है। ग्रामीण क्षेत्रों में कक्षा आठ, नौ के विद्यार्थी कक्षा तीन के गणित का सवाल नहीं हल कर पाते हैं। 30 फीसदी विद्यार्थियों को भारत की राष्ट्रीय राजधानी के बारे में जानकारी नहीं है। उन्होंने बढ़ती आबादी पर चिंता जताई और कहा कि अगले 30 सालों में भारत की आबादी करीब 160 करोड़ होगी।

यह दुनिया में सर्वाधिक आबादी होगी। अंदाजा लगाया जा सकता है कि उपलब्ध सुविधा-संसाधन के हिसाब से बेरोजगारी की स्थिति क्या रहेगी। उन्होंने इनकम टैक्स न देने वालों पर कटाक्ष किया और कहा कि 130 करोड़ की आबादी वाले इस देश में 78 हजार करदाता की आय एक करोड़ से ज्यादा है लेकिन वास्तविकता कुछ और है। अब हर गांव में करोड़पति हैं। यदि टैक्स नहीं आएगा तो देश, समाज कैसे आगे बढ़ेगा। इन मुद्दों पर पत्रकार और पत्रकारिता की जिम्मेदारी बढ़ी है। अब जरूरत युवाओं को जागरूक करने और उन्हें देश, समाज की वास्तविक चुनौतियों से अवगत कराने की है। क्योंकि इन मुद्दों पर राजनीतिज्ञ भी कुछ नहीं बोले रहे हैं।
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इस मौके पर मेयर सीताराम जायसवाल, विधायक शीतल पांडेय, महेंद्र पाल सिंह, डॉ. सत्या पांडेय, वरिष्ठ सर्जन डॉ. हर्षवर्धन, आशा रुंगटा, महेंद्र अग्रवाल, निखिल मोटवानी, अंकित मोदी, कन्हैया टिबड़ेवाल, ज्ञानचंद केसवानी, अमित सिंह, कनक हरि अग्रवाल, मनीष खंडेलवाल और वरिष्ठ पत्रकार आरसी गुप्ता मौजूद रहे।

‘तनाव दे रहा सोशल मीडिया’

 उपसभापति ने मजबूत सूचना तंत्र और तकनीक ज्ञान पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि अमेरिका में महात्मा गांधी के सत्य, अहिंसा की कक्षाएं लगती हैं। इसका उद्देश्य बच्चों को मोबाइल फोन और सोशल मीडिया से बचाना है। भारत में ऐसा नहीं है। बाजारवाद और भौतिकवाद हावी हो चुका है। इसी वजह से जगह-जगह काउंसलिंग सेंटर खोले गए हैं। इसकी मदद से मोबाइल, सोशल मीडिया की गिरफ्त में आने वाले बच्चों का तनाव दूर किया जाता है।

पुस्तक का विमोचन

उपसभापति ने इनकम टैक्स कमिश्नर और साहित्यकार वीरेंद्र ओझा की पुस्तक का विमोचन भी किया। साथ ही कहा कि यह योगियों और महापुरुषों की भूमि है। पंडित जवाहर लाल नेहरू साढ़े तीन साल तक यहीं के जेल में रहे थे।
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