प्रदर्शन के बाद चीफ प्रॉक्टर को ज्ञापन दिया गया
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गोरखपुर। गोरखपुर विश्वविद्यालय का छात्रसंघ चुनाव स्थगित होने से राजनीति गर्म हो गई है। एक तरफ जहां सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि छात्रों का अधिकार छीनना अलोकतांत्रिक है, वहीं यूपी सरकार के मंत्री और गोरखपुर के प्रभारी मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा कि अब गुंडई नहीं चलेगी। जोर-जबरदस्ती से जीतने वाली आदत विपक्ष को बदलनी होगी। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) और समाजवादी छात्रसभा ने चुनाव कराने की मांग लेकर प्रदर्शन किया। गोरखपुर आए सपा छात्रसभा के प्रदेश अध्यक्ष ने भी इस मामले में राज्य सरकार को घेरा।
गुंडागर्दी बर्दाश्त नहीं होगी : धर्मपाल
गोरखपुर। विकास कार्यों की समीक्षा के लिए बुधवार को गोरखपुर आए सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह ने सर्किट हाउस में प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि योगी सरकार में किसी भी दशा में गुंडई बर्दाश्त नहीं होगी। गोरखपुर विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव में हार होती देख ही कुछ लोग गुंडागर्दी पर उतारू हो गए। ऐसे सभी लोगों को चिह्नित किया जा रहा है। छात्रसंघ चुनाव स्थगित होने के सवाल पर सिंचाई मंत्री ने कहा कि गुंडागर्दी के दम पर कुछ लोग चुनाव कराने और जीतने की साजिश कर रहे थे, जो नहीं होने दिया गया।
सपा छात्रसभा के प्रत्याशियों ने दिया धरना
गोरखपुर। गोरखपुर विश्वविद्यालय का छात्रसंघ चुनाव स्थगित करने से नाराज सपा छात्रसभा के प्रत्याशियों ने मुंह पर सफेद और हाथ पर काली पट्टी बांधकर प्रशासनिक भवन पर धरना दिया। शाम को उन्होंने मुख्य नियंता गोपाल प्रसाद को ज्ञापन दिया। इसमें उन्होंने चेताया कि अगर 14 सितंबर की शाम तक विश्वविद्यालय प्रशासन ने चुनाव की घोषणा नहीं तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
धरने पर बैठे अध्यक्ष प्रत्याशी अन्नू प्रसाद, उपाध्यक्ष प्रत्याशी सूरज यादव, महामंत्री उम्मीदवार सुधीर यादव एवं सपा छात्रसभा के जिलाध्यक्ष गवीश दुबे ने कहा कि सरकार के इशारे पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने अलोकतांत्रिक कार्रवाई की है। इसका जोरदार विरोध किया जाएगा। धरने में सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष रजनीश यादव, सपा छात्रसभा के उपाध्यक्ष ओम यादव, डॉ. राजेश यादव, कपिल मुनि यादव, शब्बीर कुरैशी, अमर पासवान, राजीव यादव, शिव शंकर गोंड, अभिषेक यादव आदि मौजूद रहे।
एबीवीपी ने साजिशन चुनाव टलवाया : दिग्विजय
गोरखपुर। सपा छात्रसभा के प्रदेश अध्यक्ष दिग्विजय सिंह देव ने कहा कि एबीवीपी ने दो उम्मीदवारों को आपस में लड़वाकर साजिशन गोरखपुर विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव को स्थगित कराया है। भाजपा समर्थित विद्यार्थी संगठन को पता था कि वह लड़ाई में नहीं है। यह सरकार की मानसिक हार है। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार सरकारी तंत्र का इस्तेमाल कर लोकतंत्र को कमजोर करना चाहती है। वह तानाशाही पर आमादा है। प्रतिभागी परीक्षाओं के पेपर लीक हो रहे हैं। नौजवान भटकने को मजबूर हैं। छात्र-नौजवान 2019 के लोकसभा चुनाव में सरकार का तख्ता पलट देंगे।