विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान प्रभारी मंत्री ने दिए निर्देश
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गोरखपुर। विकास कार्यों की समीक्षा बैठक में सिंचाई व जिले के प्रभारी मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा कि बंधों के रखरखाव के लिए धन की कमी नहीं है। अफसर यह सुनिश्चित करें कि इसमें लापरवाही न होने पाए। उन्होंने निर्देश दिया कि जैसे ही रैटहोल, रेनकट या कोई अन्य जानकारी मिले, उसे तत्काल दुरुस्त कराया जाए।
सिंचाई मंत्री ने जन प्रतिनिधियों से अपील की कि अतिवृष्टि एवं बाढ़ की वजह से ढहे मकानों की सूची संबंधित एसडीएम को उपलब्ध कराने में सहयोग करें। उन्होंने बिजली विभाग के अफसरों को 48 घंटे के भीतर जर्जर तार-ट्रांसफार्मर बदलने की हिदायत दी तो सिंचाई विभाग को अपनी जमीन कब्जे से मुक्त कराने को कहा। उन्होंने नगर आयुक्त को कूड़ा निस्तारण एवं सफाई व्यवस्था में सुधार करने, जरूरत के मुताबिक मोबाइल टायलेट लगाने को कहा। सिंचाई मंत्री ने लोक निर्माण विभाग को सड़कों को दुरुस्त कराने को कहा।
बैठक में सांसद कमलेश पासवान, विधायक डॉ. राधा मोहन दास अग्रवाल, शीतल पांडेय, संत प्रसाद, डीएम के. विजयेंद्र पांडियन, एसएसपी शलभ माथुर, सीडीओ अनुज सिंह समेत कई विभागों के अफसर मौजूद रहे।
सतर्कता के चलते गोरखपुर में कोई बांध नहीं कटा
गोरखपुर। समीक्षा बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में सिंचाई मंत्री धर्मपाल सिंह ने बाढ़ सुरक्षा कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि सतर्कता की वजह से गोरखपुर में एक भी बांध नहीं कटा। सिर्फ 20 गांव प्रभावित हुए हैं। पिछले वर्ष इनकी संख्या 650 थी। जिले में 63 मकान बारिश से क्षतिग्रस्त हुए जिसके लिए मुआवजा दिया गया। जिन लोगों के आवास ध्वस्त हुए उन्हें प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत आवास उपलब्ध कराए जा रहे हैं। जलभराव से क्षतिग्रस्त होने वाली फ सलों को सर्वेक्षण कराया जा रहा है। जल्द इसका भी मुआवजा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि घाघरा नदी एक माह से लगातार खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। बस्ती से लेकर गोरखपुर तक बांध प्रभावित हैं मगर कोई नुकसान नहीं हुआ। नारायणी नदी ने कुशीनगर में अमवा खास अहिरौली दान बांध को प्रभावित किया है। उन्होंने कहा कि इसके अलावा जनपद में जहां-जहां बांध पर कटान की सूचना मिल रही, बचाव कार्य किया जा रहा है।