एसएसपी शलभ माथुर ने बुधवार को पुलिसकर्मियों के साथ क्राइम मीटिंग की। जिले में भूमि विवादों की बढ़ती संख्या का मामला उठा तो एसएसपी ने पुलिसकर्मियों को विवादित मामलों को चिन्हित कर राजस्व टीम के साथ जाकर हर शनिवार को निपटारा कराने का आदेश दिया। हिदायत दी कि पुलिस और प्रशासन के बीच फरियादी चक्कर न काटें। सिर्फ रिपोर्ट लगाकर काम पूरा न समझे, टालमटोल की बजाए कार्रवाई होनी चाहिए।
एसएसपी ने साफ कहा कि खनन के मामलों से थाना पुलिस दूर रहेगी। इस बारे में सूचना देगी और वरिष्ठ अफसरों के आदेश पर ही प्रशासनिक टीम के साथ जाकर कार्रवाई करेगी। उन्होंने थानों पर शांतिभंग या एनसीआर दर्ज होने परतत्काल कार्रवाई का भी आदेश दिया।
एसएसपी ने कहा कि भूमि विवाद मामलों का रजिस्टर तैयार कर, तहसील दिवस के दिन इनको चिन्हित किया जाए कि किन मामलों में प्रशासनिक टीम की जरूरत है और कहां पर पुलिस की मौजूदगी होनी चाहिए। सीओ को आदेश दिया गया है कि वह चार्जशीट, फाइनल रिपोर्ट तत्काल कोर्ट भिजवा दें। कहा कि बीट सिपाही, दरोगा को अपने अपने इलाके में जाना होगा, इसकी नियमित मानीटरिंग की जाएगी। रात में सभी थानेदार, दरोगा, सीओ गश्त पर रहेंगे, जिसका औचक निरीक्षण किया जाएगा। थाने पर जन सुनवाई अधिकारी नियुक्त किया जाएगा। जो शिकायतें दर्ज करेंगे।
जांच के बाद ही दर्ज होंगे जमीन विवाद, धोखाधड़ी के केस
एसएसपी ने सभी थानेदारों को आदेश दिया कि वह धोखाधड़ी के मामलों में सीधे केस न दर्ज करें। जमीनी विवाद, धोखाधड़ी के मामले आने पर सीओ स्तर से एक सप्ताह के अंदर जांच होगी फिर एसएसपी के आदेश पर ही केस दर्ज होगा। क्योंकि जमीन के मामले ज्यादा है और कई केस बेवजह ही दर्ज कर लिए जा रहे हैं।
धाराओं को कम न करें थाना पुलिस
एसएसपी ने साफ कहा कि तहरीर के आधार पर केस दर्ज होंगे। अक्सर यह शिकायत आती है कि तहरीर में लिखी बातों को कम करके बड़ी धाराएं हटा दी जाती हैं, ऐसे मामले सामने आए तो कड़ी कार्रवाई होगी।