गोरखपुर महोत्सव पर तंज कसने वालों को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को करारा जवाब दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि गोरखपुर महोत्सव सिर्फ एक परिवार का नहीं, बल्कि जनता का महोत्सव है। यह महोत्सव केवल नाच-गाने नहीं, प्रतिभाओं को मंच देने का अवसर है। इसमें 50 हजार विद्यार्थियों की सहभागिता रही है। पांच हजार विद्यार्थियों ने एक साथ योग किया है। जिसको इसमें बुराई नजर आ रही है, उन्हें दृष्टि दोष है। जनता समय आने पर ऐसे सभी लोगों का जवाब देगी।
गोरखपुर महोत्सव के समापन समरोह में अपनी चुुप्पी तोड़ते हुए योगी ने महोत्सव पर टिप्पणी करने वालों को जमकर घेरा। कहा कि हर अच्छे काम में खराबी ढूंढना और उंगली उठाना बहुत से लोगों की आदत होती है। गोरखपुर महोत्सव के लिए भी कुछ लोगों ने ऐसा ही किया। पूर्व मुख्यमंत्री और सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का नाम लिए बगैर मुख्यमंत्री ने कहा कि महोत्सव पर यूपी के सिर्फ एक गांव इटावा के सैफई का पेटेंट या ठेका नहीं है। सैफई महोत्सव में जितना सरकारी धन उड़ाया गया, उतने धन में तो प्रदेश की भाजपा सरकार हर जिले में महोत्सव मनाएगी।
गोरखपुर महोत्सव को सैफई महोत्सव से जोड़ने का प्रयास किया गया। गोरखपुर महोत्सव का नाम देकर फोटो कहीं और की दिखाई गई। बावजूद इसके वह दो दिनों से मौन रहे। सैफई महोत्सव में अश्लीलता होती थी, हुल्लड़बाजी और अनुशासनहीनता होती थी जबकि गोरखपुर महोत्सव धर्म, मर्यादा और अनुशासन के साथ संपन्न हुआ, जो हमारी पहचान है। इसके सफल आयोजन में शासन ही नहीं बल्कि उद्योगपतियों, व्यापारियों, बुद्धिजीवियों, कलाकारों, शिक्षकों, हजारों विद्यार्थियों और जिले के हर नागरिक का महत्वपूर्ण योगदान है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी को इस महोत्सव से जोड़ने का प्रयास किया गया है। महोत्सव अपनी संस्कृति, लोक कलाओं, परंपराओं, प्रतिभाओं और उपलब्धियों को सामने रखने का अवसर है।