जन्मोत्सव के मौके पर निकली शोभायात्रा।
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संत हनुमान प्रसाद पोद्दार के नित्य सहचर महाभावनिमग्न श्रीराधाबाबा का 106वां जन्मोत्सव बुधवार को गीता वाटिका में धूमधाम से मनाया गया। शुरुआत तड़के चार बजे शहनाई की मंगल धुन से हुई।
सुबह 10 बजे शोभायात्रा निकाली गई। इसमें बड़ी संख्या में भक्तों ने हिस्सा लिया। शोभायात्रा के दौरान ‘मेरे तो आधार एक राधा के चरणारविंद...’ गाते हुए भक्त भावविभोर नजर आए। शोभायात्रा के बाद राधाबाबा के समाधिस्थल नेह निकुंज पर भावार्चन कार्यक्रम हुआ। राकेश तिवारी के मंगलाचरण गायन से इसकी शुरुआत हुई। ‘स्वामिनी कृषभानु दुलारि, कृष्णप्रिया कृष्णगत प्राणा कृष्णा कीर्ति कुमारि’ गीत पर भक्त झूम उठे। 11 बजे राधाबाबा के जन्म की विशेष आरती हुई। अयोध्या से पधारे कथा व्यास नरहरिदास महाराज ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। ओंकारनाथ मिश्र, कुंजबिहारी शर्मा, अंबरीष द्विवेदी, विनोद शास्त्री आदि वक्ताओं ने राधाबाबा के प्रति श्रद्धा निवेदित की और संस्मरण साझा किए।
संचालन प्रसून मल्ल ने किया। दोपहर में गिरिराज पूजन और भोग अर्पण के बाद श्रद्धालुओं ने भंडारे में महाप्रसाद ग्रहण किया। इसके बाद वृंदावन से आए श्रीराम शर्मा की रासमंडली ने ‘मल्लाह लीला’ का मंचन किया। शाम को समाधिस्थल पर दीप जलाए गए। उत्साही भक्तों ने संकीर्तन और पद गायन के साथ रात्रि जागरण किया। इस दौरान अरुणा डालमिया, कृष्णमुरारी पोद्दार, कविता डालमिया, उमेश सिंहानिया, राजकुमार थरड, रसेंदु फोगला, ओम प्रकाश सेकसरिया, हरिकृष्ण दुजारी आदि मौजूद रहे।