डायसिस ऑफ लखनऊ के सभी गिरजाघरों ने विश्व संडे स्कूल दिवस पर रविवार को जुलूस निकाला। रेव्ह अजीत लारेंस के नेतृत्व में गिरजाघरों के संडे स्कूल के बच्चे और मसीही समाज के लोग इसमें शामिल हुए।
शाम 4:00 बजे ‘आज का दिन यहोवा ने बनाया है’ का गीत गाते हुए जुलूस में शामिल लोग फूलों और झालरों से सजे स्टैनपुर स्थित सेंट मार्क चर्च पहुंचे। वहां पुरोहित सहित चर्च के लोगों ने स्वागत किया। इसके बाद बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश किए। कार्यक्रम का संचालन लीना लारेंस ने किया। इस मौके पर रेव्ह हिलेरी जसवंत, रेव्ह आंद्रियास, रेव्ह ईश्वर दयाल, रेव्ह रोशनलाल आदि के साथ पास्ट्रेट कमेटी के सदस्य अमित राबर्ट, निर्भय सुबोध, रवि एडवर्ड जयहिंद एवं संडे स्कूल के टीचर भी मौजूद रहे।
1780 में खुला था पहला संडे स्कूल
लीना लारेंस ने बताया कि पत्रकार रावर्ट रेक्स ने इंग्लैंड में वर्ष 1780 में पहला संडे स्कूल खुलवाया था। उस समय बच्चों से कारखानों में कमरतोड़ मेहनत कराई जाती थी, जिसके कारण वे पढ़ाई से दूर और कई बुरे कामों में लिप्त हो जाते थे। रेक्स ने आंदोलन चला कर बच्चों को पढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया। पहला संडे स्कूल धर्मभीरु महिला किंग के घर खुला था।