पति और बेटे के साथ अर्चना (फाइल फोटो)।
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गोरखपुर। मासूम बेटे और पति की हत्या के आरोप में जेल में बंद अर्चना यादव की छठ पूजा से हर कोई हैरान है। परिवार की समृद्धि और पुत्र की दीर्घायु के लिए किया जाने वाला यह व्रत अर्चना क्यों कर रही है, बंदियों और जेलकर्मियों में इसी बात की चर्चा है।
यूं तो मंडलीय कारागार में बंद 10 महिलाएं सूर्य षष्ठी व्रत की तैयारियां में जुटी हैं। इन सभी ने छठ पूजा के लिए जेल प्रशासन से अनुमति मांगी है। जेल प्रशासन ने उन्हें इसकी अनुमति भी दे दी है। इनमें बशारतपुर की अर्चना यादव भी हैं। अर्चना पति ओमप्रकाश और मासूम बेटे की हत्या के आरोप में जेल में बंद है। महिला बैरक में रहने वाली कुछ महिलाओं को देखकर उसने छठ पूजा की इच्छा जताई। सूर्य उपासना के लिए जेल में गड्ढा खोदा गया है। इसमें पानी भरने का काम बाकी है। गड्ढों के पास बेदी भी बनाई गई है। जेलर रामकुबेर का कहना है कि जेल में महिलाएं छठ पूजा करेंगी। नियमानुसार जो सुविधाएं उन्हें दी जा सकती हैं, वह उपलब्ध कराई गई है।
जेल में ये कर रही हैं व्रत
अर्चना, आशा (पत्नी राजाराम), सिरजावती, सपना, सुनीता, नीतू, तारा, कौशल्या, आशा (पत्नी राम सिंहासन), राजी।