गोरखपुर।
डीजल और पेट्रोल को भी जीएसटी के दायरे में लाने की मांग लेकर सोमवार को शहर के 60 ट्रांसपोर्टर हड़ताल पर रहे। सामानों की बुकिंग, पहले से बुक सामान ट्रकों पर लादने और उतारने का काम पूरी तरह ठप रहा। इससे 50 लाख रुपये से ज्यादा के नुकसान का अनुमान है। हड़ताल मंगलवार को भी जारी रहेगी। ट्रांसपोर्टरों की माने तो नुकसान का आंकड़ा डेढ़ करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है।
ट्रांसपोर्टर डीजल, पेट्रोल को जीएसटी के दायरे में लाने की मांग कर रहे हैं। इसका ज्ञापन भी वित्त मंत्री अरुण जेटली को दिया गया था लेकिन कोई ठोस पहल नहीं हुई। इससे नाराज देशभर के ट्रांसपोर्टरों ने दो दिन (9, 10 अक्टूबर) हड़ताल की घोषणा कर दी। गोरखपुर के ट्रांसपोर्टरों ने भी हड़ताल का समर्थन किया। इसी का नतीजा रहा कि 60 ट्रांसपोर्टरों के 200 ट्रकों के पहिये सोमवार को थम गए। इसी सिलसिले में गोरखपुर गुड्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन ने एक मीटिंग भी की। मंडल अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह ने कहा कि डीजल, पेट्रोल की लगातार बढ़ती कीमतों से ट्रांसपोर्टर परेशान हैं। किराया बढ़ता जा रहा है। इसका सीधा असर बिजनेस पर पड़ रहा है। सामानों की बुकिंग कम हो गई है।