सिद्धार्थनगर। खेसरहा ब्लॉक प्रमुख की कुर्सी पर भी अब खतरा मंडराने लगा है। बुधवार को ब्लॉक के 96 बीडीसी सदस्यों में 62 ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रमुख के खिलाफ डीएम को शपथ पत्र दिया। डीएम ने सदस्यों को शपथ पत्रों के सत्यापन के बाद प्रस्ताव पर चर्चा के लिए शीघ्र तिथि घोषित करने का आश्वासन दिया। बांसी विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत खेसरहा ब्लॉक में सपा समर्थन से कमालुद्दीन प्रमुख चुने गए थे। सूबे में सत्ता परिवर्तन के बाद से उन्हें अपदस्थ करने की मुहिम शुरू हो गई थी। इसी कवायद के तहत 62 सदस्यों को लामबंद कर विरोधी खेमा बुधवार को कलेक्ट्रेट पहुंचा। डीएम के समक्ष परेड करते हुए सदस्यों ने शपथ पत्र सौंपकर ब्लाक प्रमुख के प्रति अविश्वास जाहिर किया। सदस्यों ने आरोप लगाए कि प्रमुख अपने कर्तव्यों का सम्यक पालन नहीं कर रहे हैं। विकास कार्यों में भेदभाव व पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाया जा रहा है। क्षेत्र पंचायत निधि और अधिकारों का दुरुपयोग किया जा रहा है। प्रमुख के प्रति विश्वास खत्म हो गया है, लिहाजा उन्हें अपदस्थ करने की प्रक्रिया शुरू की जाए। कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में सभी सदस्यों के शपथ पत्रों के मिलान के बाद डीएम कुणाल सिल्कू ने जल्द ही चर्चा की तिथि घोषित करने का आश्वासन दिया। ज्ञापन सौंपने वालों में महेंद्र कुमार, धर्मराज, दिनेश कुमार, लालमोहन, रवींद्र, निरही देवी, जितेंद्र यादव, उदयराज, सर्वजीत प्रसाद, रामप्रकाश, अशर्फी लाल, सुभाष, रामचंद्र, उमाकांत, दिनेश पांडेय, प्रवीण कुमार सिंह, शंभू मौर्य, सुरेंद्र, मो.शफीक, अनीता सिंह, प्रमिला, कुमारी, शोभा, रमावती आदि शामिल रहीं।
नौ ब्लाकों में पेश हो चुका है अविश्वास प्रस्ताव
सूबे में सत्ता परिवर्तन के बाद जिले में शुरू हुई अविश्वास की मुहिम नौ ब्लाकों में पहुंच चुकी है। शुरुआत सदर से हुई थी। इसके बाद मिठवल, बढ़नी, उसका, लोटन, डुमरियागंज, भनवापुर, खुनियांव और अब खेसरहा के बीडीसी सदस्यों ने प्रमुख के खिलाफ अविश्वास पेश किया है। इसमें सदर, मिठवल, बढनी और डुमरियागंज में प्रस्ताव पास हो चुका है, जबकि भनवापुर में प्रमुख रीना चौधरी ने चर्चा से पहले ही इस्तीफा दे दिया। लोटन और उसका में कोरम पूरा न होने से प्रस्ताव पास नहीं हो सका। खुनियांव ब्लाक में 12 अक्टूबर को चर्चा होनी है। जिले के 14 ब्लाकों में अब सिर्फ 5 ब्लॉक ही अविश्वास की आंच से दूर हैं। इसमें इटवा ब्लाक प्रमुख के पद पद पूर्व विधानसभा अध्यक्ष माता प्रसाद पांडेय की पत्नी सूर्यमती पांडेय, शोहरतगढ़ में पूर्व विधायक लालमुन्नी सिंह की बहू नीलिमा सिंह व बांसी में पूर्व विधायक लालजी यादव के पुत्र सुरेंद्र यादव हैं। वहीं जोगिया में सपा की निर्वाचित प्रमुख के निधन के बाद उपचुनाव में भाजपा समर्थित ऊषा त्रिपाठी निर्वाचित हुई थी। बर्डपुर ब्लॉक में संजय पासवान सपा समर्थन पर चुने गए थे, जो अब भाजपा का दामन थामे हुए हैं।
विरोध में सभी, अगुवा कोई नहीं
नौ ब्लाकों में पेश हुए अविश्वास प्रस्ताव में से खेसरहा पहला ब्लॉक है, जहां अगुवा नदारद है। कलेक्ट्रेट पहुंचे 62 सदस्यों ने ब्लॉक प्रमुख के खिलाफ अविश्वास तो जताया, लेकिन नेतृत्व का नाम उजागर नहीं किया। वैसे परदे के पीछे से वेंकटेश मिश्र व जितेंद्र भट्ट के नामों की चर्चा रही। ये दोनों नेता कलेक्ट्रेट में मौजूद रहे और अविश्वास की नोटिस दिलाने सहित अन्य प्रक्रियाओं में पूरी तरह सक्रिय भी।
रिक्त है एक पद
खेसरहा ब्लाक में बीडीसी सदस्यों के कुल 97 पद हैं। इसमें नासिरगंज क्षेत्र पंचायत की सीट रिक्त है। इस पद के लिए अनुसूचित जनजाति का आरक्षण है। इस श्रेणी का कोई भी उम्मीदवार न होने के कारण चुनाव नहीं हो पाया है।
बोले प्रमुख, फर्जी हैं कई शपथ पत्र
ब्लाक प्रमुख कमालुद्दीन ने कहा कि विरोधियों द्वारा कई सदस्यों के फर्जी शपथ पत्र दिए जाने की बात कही है। उन्होंने कहा कि 62 में से कई सदस्य ऐसे हैं, जो कलेक्ट्रेट में उपस्थित ही नहीं थे। उनकी जगह किसी अन्य व्यक्ति को खड़ा कर दिया गया है। बहुमत के सदस्य मेरे साथ हैं। विरोधियों की साजिश विफल होगी।