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जीडीए की नोटिस से बेपरवाह नर्सिंग होम

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गोरखपुर।
गोरखपुर डेवलपमेंट अथॉरिटी (जीडीए) ने भले ही अवैध नर्सिंग होम, अस्पतालों को नोटिस देकर मरीजों को भर्ती न करने की हिदायत दी हो, मगर इसका नर्सिंग होम संचालकों पर कोई असर नहीं दिख रहा है। रविवार को भी यहां कई मरीज भर्ती किए गए। बहरहाल, जीडीए आठ अगस्त से सीलिंग अभियान चलाने की तैयारी में है।
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शहर के ज्यादातर नर्सिंग होम के पास नक्शा पास नहीं है। इस पर जीडीए ने नोटिस जारी कर उनसे जवाब मांगा था लेकिन नर्सिंग होम संचालकों ने कोई जवाब नहीं दिया। इस पर जीडीए वीसी ने 180 नर्सिंग होम को सील करने और इन पर केस दर्ज करने का निर्देश दिया। इस कार्रवाई के बाद रविवार को ‘अमर उजाला’ की टीम नर्सिंग होम की मनमानी की पड़ताल करने निकली तो पता चला कि बेतियाहाता के सर्वांग अस्पताल में मनाही के बाद भी मरीजों की भर्ती जारी है। यही नहीं बिना पार्किंग चल रहे अस्पताल के बाहर सड़क पर तमाम वाहन खड़े मिले। यही हाल प्रज्ञा नर्सिंग होम, एमएम नर्सिंग होम, मोदी अस्पताल, हार्ट एंड मेडिकल सेंटर और राम जानकी अस्पताल में मिला। नहर रोड स्थित जगदीश अस्पताल, दाउदपुर स्थित आर्यन अस्पताल, बिलंदपुर स्थित रचित अस्पताल, गांधीनगर स्थित गर्ग अस्पताल, उदय मेडिकल सेंटर में भी मरीजों का इलाज हुआ। ज्यादातर के पास पार्किंग नहीं है। मरीजों से बात हुई तो मनमानी फीस वसूले जाने की भी शिकायत मिली। कुछ मरीजों ने कहा कि छूट देने का भरोसा दिलाकर अस्पताल में भर्ती किया जाता है लेकिन हजारों रुपये की बिलिंग होती है। विरोध पर मरीज और तीमारदारों से अभद्रता की जाती है।
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