अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर।
सीएम के शहर में ठेले पर लाशें ढोए जाने को लेकर डीएम गर्म हो गए हैं। सोमवार को उन्होंने मामले में सीएमओ को तलब किया। सीएमओ ने मामले में डीएम को अपनी ओर से आख्या दी। मोर्च्युरी से पोस्टमार्टम हाउस के लिए ले जाने के लिए पुलिस को जिम्मेदार बताया। ठेले पर शव ढोने जाने के मामले को उन्होंने पुलिस की लापरवाही करार दिया। इस पर डीएम ने एसएसपी को पत्र भेजकर मामले में जवाब मांगा है।
बता दें, जिला अस्पताल की मोर्च्युरी से मेडिकल कॉलेज पोस्टमार्टम हाउस तक ठेले पर शवों की ढुलाई की बाबत ‘अमर उजाला’ ने सात जून को प्रमुखता से फोटो समेत खबर छापी थी। इसका राज्य मानवाधिकार आयोग ने स्वत: संज्ञान लिया था। सीएम के शहर की इस बदरंग तस्वीर पर नाराजगी जताते हुए आयोग ने मामले की जांच डीएम को देते हुए चार सप्ताह में रिपोर्ट देने के लिए कहा था। इसके बाद भी व्यवस्था दुरुस्त नहीं हुई और आठ जून को फिर ‘अमर उजाला’ ने फोटो समेत दो शवों को ठेले पर ले जाने की खबर छापी। इसके बाद भी व्यवस्था नहीं बदली। 16 जून को ‘अमर उजाला’ के कैमरे में फिर ये बदरंग तस्वीर कैद हुई। तब 17 जून को ‘डीएम को जांच फिर भी ठेले पर लाशें’ शीर्षक से ‘अमर उजाला’ ने प्रमुखता से खबर प्रकाशित की।
लगातार सामने आ रही इस लापरवाही पर सोमवार को डीएम सख्त दिखे। मामले में खबर की कटिंग भेजते हुए सीएमओ को तलब किया। सीएमओ डॉ. रवींद्र कुमार ने बताया कि डीएम ने प्रकरण में जवाब मांगा था। मोर्च्युरी से शव पुलिस को सुपुर्द करने के बाद उनकी व्यवस्था होती है कि वह उसे किस तरह पोस्टमार्टम के लिए ले जाते हैं। हालांकि, ठेले पर शव ले जाना गलत है। लेकिन यह उनके अधिकार क्षेत्र का मामला नहीं है। इस पर डीएम ने पुलिस को पत्र भेजकर जवाब मांगा है।
अस्पताल की व्यवस्था जांची
सीएमओ ठेले पर शव ले जाने के मामले में जिला अस्पताल की व्यवस्था भी जांची। पड़ताल के दौरान उन्होंने पता किया कि अस्पताल में मौत के बाद जिन शवों को पोस्टमार्टम के लिए पुलिस को सूचना दी जाती है, उन्हें मोर्च्युरी तक कैसे पहुंचाया जा रहा है। इसकी पड़ताल में उन्हें व्यवस्था दुरुस्त मिली। इसकी जानकारी भी उन्होंने डीएम को दी।