शहर की ट्रैफिक सुधारने और दुर्घटना से बचाव के लिए इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमसी) का निर्माण अगस्त 2016 से शुरू हो जाएगा। इसे मार्च 2017 में तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इस सिस्टम के तहत शहर के 71 चौराहों पर जक्शन बॉक्स तथा 223 आटोमेटिक फि क्स कैमरे लगाए जाएंगे। इस पूरी व्यवस्था पर नजर रखने के लिए 49 ट्रैफिक सर्विलांस कैमरे भी लगाए जाएंगे।
शुक्रवार को इंट्रीग्रेटेड मैनेजमेंट सिस्टम के क्रियान्वयन संबंधी बैठक की अध्यक्षता करते हुए कमिश्नर पी. गुरुप्रसाद ने यह जानकारी दी। गोरखपुर समेत सूबे के 12 जिलों में सर्वे कर आईटीएमसी का प्रस्ताव तैयार करने वाली गुड़गांव की प्राइस वाटर हाउस कूपर कंपनी के विशेषज्ञों ने बैठक में पावर प्रजेंटेशन भी दिया।
कंपनी के कंसल्टेंट गौतम सिन्हा और सन्नी कपूर ने बताया कि आईटीएमसी के लागू होने से ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों का नंबर आटोमेटिक कैमरे में ट्रेस हो जाएगा। इससे सर्विलांस कैमरे की मदद से वाहन मालिक का पूरा विवरण प्राप्त किया जा सकेगा। इसके बाद उसके घर चालान ई-मेल के माध्यम से चला जाएगा। ई-मेल न होने की दशा में चालान डाक द्वारा पहुंच जाएगा।
बताया कि प्रत्येक चौराहों पर पांच तथा तिराहे पर चार आटोमेटिक कैमरे लगाए जाएंगे। लोगों की जानकारी के लिए मैसेज साइन बोर्ड एवं पीए सिस्टम भी लगाया जाएगा। किसी भी वीआइपी या एंबुलेंस के लिए चैनल परिवर्तित कर ग्रीन सिग्नल मिलता रहेगा, इसके लिए कंट्रोल रूम बनाया जाएगा जिसके माध्यम से ऐसे वाहनों के आवागमन की जानकारी दी जाएगी। चौराहे पर तैनात पुलिस के पास तुरंत संदेश चला जाएगा जिससे वह रास्ता खाली रखेगा।
इस दौरान कमिश्नर ने पूछा कि कुछ ऐसे चौराहे हैं जो चिह्नित नहीं हैं पर वहां जाम लगता है। इसी तरह कुछ ऐसे स्थान भी हैं जो चौराहे नही हैं मगर वहां भी प्राय: भीड़ रहती है। ऐसे स्थानों के लिए इस सिस्टम में कोई व्यवस्था बनाई गई है या नहीं। इसपर कंपनी के प्रतिनिधियों ने बताया कि प्रस्ताव आने पर इन स्थानों को भी जोड़ लिया जाएगा मगर इसके लिए अलग से बजट की व्यवस्था करनी पड़ेगी।
कमिश्नर ने एसपी ट्रैफिक और जीडीए के मुख्य अभियंता से कहा कि प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेज दिया जाए ताकि इन स्थलों के लिए भी ट्रैफिक की माकूल व्यवस्था की जा सके। बैठक में आईजी मोहित अग्रवाल, डीआईजी शिव सागर सिंह, एसएसपी अनंत देव, एसपी ट्रैफिक श्री प्रकाश द्विवेदी, एसपी सिटी हेमराज मीणा, लोनिवि के अधीक्षण अभियंता, गीडा और आरटीओ के अधिकारी मौजूद थे।