गोरखपुर। रेलवे में मान्यता प्राप्त यूनियन का चुनाव टल गया है। सीक्रेट बैलेट पेपर से चुनाव कराने की प्रस्तावित तिथि 26 से 28 मार्च तय की गई थी। इसी बीच लोकसभा चुनाव के लिए आचार संहिता लागू होने से मान्यता प्राप्त फेडरेशन ने चुनाव को बाद में कराने का निर्णय लिया है। पूर्वोत्तर रेलवे के यूनियनों ने चुनाव के लिए तैयारियां तेज कर दी थी। यहां करीब 55 हजार रेलकर्मी मतदान करेंगे। कुल मत का 35 प्रतिशत पाने वाली यूनियन ही मान्यता प्राप्त मानी जाएगी।
मान्यता प्राप्त यूनियन के चुनाव के लिए रेलवे के अधिकारियों ने 26 अक्टूबर 2018 को बैठक की थी। इसमें राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त दो संगठन ऑल इंडिया रेलवे मेन्य फेडरेशन और नेशनल फेडरेशन ऑफ इंडिया के पदाधिकारियों से विमर्श के बाद 26 से 28 मार्च के बीच चुनाव कराने पर सहमति बनी। फिर लोकसभा चुनाव को देख इसे टालने का निर्णय लिया गया। चुनाव में रेलकर्मियों की भी ड्यूटी लगेगी। ऑल इंडिया रेलवे मेन्स फेडरेशन के महासचिव शिव गोपाल मिश्र ने बताया कि यूनियन का चुनाव अब लोकसभा चुनाव के बाद होगा। नई तिथि बाद में घोषित की जाएगी।
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पूर्वोत्तर रेलवे के महत्वपूर्ण संगठन
एनई रेलवे मजदूर यूनियन, पूर्वोत्तर रेलवे श्रमिक संघ, पूर्वोत्तर रेलवे कर्मचारी संघ, पूर्वोत्तर रेलवे कार्मिक यूनियन, एनई रेलवे मेन्स कांग्रेस, रेल मजदूर यूनियन।
हर पांच साल पर होता है चुनाव
मान्यता प्राप्त संगठन के लिए हर पांच साल पर चुनाव होता है। पिछली बार वर्ष 2013 में चुनाव हुआ था। पूर्वोत्तर रेलवे में एनई रेलवे मजदूर यूनियन चुनाव जीती थी। इस संगठन को करीब 54 फीसदी मत प्राप्त हुए थे। दूसरे स्थान पर पूर्वोत्तर रेलवे कर्मचारी संघ था।