धुरियापार (गोरखपुर)। यूपी बोर्ड की बारहवीं की परीक्षा में हिंदी का गलत पेपर बांटने के मामले पर शासन न आरोपी दोनों ही केंद्रों के केंद्र व्यवस्थापक को तत्काल प्रभाव से हटा दिया है, साथ ही काली सूची में डाल दिया है। गुरुवार को जिला विद्यालय निरीक्षक ज्ञानेंद्र सिंह भदौरिया आरोपी मोतीलाल इंटर कॉलेज दुघरा और आचार्य नरेंद्र देव इंटर कॉलेज लहसड़ी की जांच को पहुंचे। इस दौरान विद्यार्थियों का लिखित बयान दर्ज किया। कहा कि फिलहाल दोनों ही केंद्र के व्यवस्थापकों को बदल दिया गया है। सीसीटीवी कैमरे की फुटेज की जांच होगी, उसे देखने के बाद आगे की कार्रवाई पर विचार किया जाएगा।
बोर्ड परीक्षा में मंगलवार को मोतीलाल इंटर कॉलेज दुघरा के कमरा नंबर 19 में इंटरमीडिएट के परीक्षार्थियों को दूसरी पाली की परीक्षा में सामान्य हिंदी की जगह पर हिंदी और हिंदी की जगह पर सामान्य हिंदी का पेपर बांट दिया गया था। वहीं ऐसा ही मामला आचार्य नरेंद्र देव इंटर कॉलेज पर भी मिला। आरोप है कि परीक्षा के दौरान विद्यार्थियों ने कक्ष निरीक्षक से इसकी शिकायत की तो उन्हें डांट कर बिठा दिया गया। बाद में आक्रोशित विद्यार्थियों ने उरुवा थाने पर जाकर प्रदर्शन किया, जिसके बाद मामला प्रकाश में आया।
इन्हें मिली जिम्मेदारी
आचार्य नरेंद्र देव इंटर कॉलेज लहसड़ी का नया केंद्र व्यवस्थापक सहायक अध्यापिका स्नेह लता यादव और मोती लाल इंटर कॉलेज का व्यवस्थापक रामकरन यादव को बनाया गया है।
स्कूल पर लटका मिला ताला, सभी का रोका वेतन
जांच को निकले डीआईओएस ज्ञानेंद्र सिंह भदौरिया ने राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय रौजादरगाह का शुक्रवार को औचक निरीक्षण किया। इस दौरान विद्यालय पर कोई शिक्षक और कर्मचारी नहीं मिला। पूछताछ में पता चला की अक्सर विद्यालय पर ऐसी ही स्थिति बनी रहती है। इस पर डीआईओएस ने सभी शिक्षकों और प्रधानाचार्य का वेतन अगले आदेश तक बाधित कर दिया है।