कलेक्ट्रेट पर राइस मिल संचालकों ने किया प्रदर्शन
मांगें पूरी न होने पर सत्यापन नहीं कराने की दी चेतावनी
अमर उजाला ब्यूरो
महराजगंज। राइस मिलर्स कल्याण एसोसिएशन की जिला इकाई ने बुधवार को डीएम कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया। समस्याओं से संबंधित पांच सूत्री ज्ञापन डीएम को सौंपकर कार्रवाई की मांग की।
संगठन के अध्यक्ष राजेंद्र पटेल ने कहा कि इस वर्ष किसानों से खरीदे जाने वाली धान से चावल की रिकवरी का मानक 67 प्रतिशत है, जबकि वास्तविक रिकवरी 58 प्रतिशत से 62 प्रतिशत तक होती है। उन्होंने धान से चावल की रिकवरी 62 प्रतिशत कराने की मांग की। उनका कहना था कि क्रय केंद्र से खरीदे गए धान की कुटाई करीब 1990 से अब तक 10 रुपये प्रति क्विंटल ही दिया जा रहा है। उन्होंने धान की कुटाई प्रति क्विंटल 150 रुपये किए जाने की मांग की। उन्होंने क्रय केंद्रों से खरीद किए गए धान की ढुलाई का किराया वास्तविक दूरी के हिसाब से भारतीय खाद्य निगम से दिलवाने की मांग भी की। उनका कहना था कि भारतीय खाद्य निगम द्वारा धान एवं सीएमआर चावल के परिवहन का भुगतान अब तक नहीं किया गया है जबकि संबंधित कार्यालय द्वारा अब यह कहा जा रहा है कि 39 किमी से ऊपर का परिवहन भुगतान नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस वर्ष चावल की रिकवरी, धान की कुटाई तथा परिवहन की परेशानी से मुख्यमंत्री व प्रमुख सचिव को सितंबर माह में ही अवगत करा दिया गया था, लेकिन उनकी समस्याओं के समाधान के लिए अब तक कुछ नहीं किया गया। उन्होंने चेतावनी दी कि समस्याओं का समाधान समय से नहीं किया गया तो राइस मिलों का सत्यापन नहीं कराया जाएगा। इस मौके पर सचिंद्र कुमार गुप्ता, मानवेंद्र प्रताप सिंह, शैलेष पटेल, घनश्याम पटेल, अखिलेश, संतोष रौनियार, संजय कुमार, रविंद्र गुप्ता, विजय कुमार, विनोद कुमार वर्मा आदि मौजूद रहे।