गोरखपुर। एसी कोच में यात्रा करने वाले लोगों को तौलिये की जगह अब इकोफ्रेंडली नैपकीन दिए जाएंगे। इसकी शुरूआत सोमवार से गोरखधाम एक्सप्रेस में होगी। ट्रायल के तौर पर अभी एसी टू कोच में ही नैपकीन दिए जाएंगे। यात्रियों से एक प्रोफार्मा भरवाकर फीड बैक भी लिया जाएगा। यात्रियों का अनुभव बेहतर रहा तो दूसरी ट्रेनों में भी सुविधा शुरू होगी।
डिस्पोजल नैपकीन की सप्लाई कोलकाता की एक फर्म कर रही है। पहले लाट में 20250 नैपकीन रेलवे स्टेशन के मैकेनाइज्ड लांड्री में आ गई है। इसके पहले पूर्वोत्तर रेलवे में यह सुविधा पुष्पक एक्सप्रेस में दी जा चुकी है। मैकेनाइज्ड लांड्री प्रभारी अमन कुमार ने बताया कि सोमवार से गोरखधाम एक्सप्रेस के एसी टू कोच में यात्रियों को नैपकीन दिए जाएंगे। स्टॉफ यात्रियों से एक प्रोफार्मा भरवाकर फीड बैक भी लेगा।
गुड, बेटर या बेस्ट बताएंगे यात्री
प्रोफार्मा में गुणवत्ता के हिसाब से यात्री गुड, बेटर, बेस्ट के ऑप्शन के सामने टिक लगाएंगे। अगर नैपकीन पसंद नहीं है या कोई सुझाव है तो वे कमेंट भी लिख सकेंगे।
50 ग्राम है वजन
डिस्पोजल नैपकीन को 50 फीसदी से ज्यादा कॉटन और बाकी फाइबर से बनाया गया है। वजन 50 ग्राम है और इसका आकार 40 गुणा 30 सेंटीमीटर रखा गया है। जबकि वर्तमान में दिए जा रहे तौलिए की साइज 52 गुणा 40 सेंटीमीटर है।