गोरखपुर। स्वच्छता सर्वेक्षण में सर्वोच्च रैंकिंग प्राप्त करने वाले गांव को एक करोड़ रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा। वहीं दूसरा और तीसरा स्थान पाने वाले गांवों को क्रमश: 75 लाख और 50 लाख रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा। डीएम के. विजयेंद्र पांडियन ने स्वच्छ भारत मिशन के तहत आयोजित कार्यशाला में यह जानकारी दी। सोमवार को गोरखपुर विश्वविद्यालय के दीक्षा भवन में स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के अंतर्गत ग्राम पंचायतों को खुले में शौचमुक्त (ओडीएफ) एवं स्वच्छता सर्वेक्षण-2018 के लिए कार्यशाला का आयोजन किया गया।
इसमें डीएम ने 225 नोडल अधिकारियों को उनके ब्लॉकों एवं न्याय पंचायत वार रोस्टर के अनुपालन, निर्मित शौचालयों के सत्यापन एवं सार्वजनिक स्थानों स्कूल, आंगनबाड़ी, हाट बाजार, स्वास्थ्य केंद्र, धार्मिक स्थानों आदि की सुविधा संबंधित रिपोर्ट प्रति सप्ताह जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय में जमा करने के निर्देश दिए। जिला पंचायत राज अधिकारी हिमांशु शेखर ठाकुर, जिला स्वच्छ भारत प्रेरक प्रदीप अग्रहरि ने स्वच्छता सर्वेक्षण (ग्रामीण) एवं स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के विषय में नोडल अधिकारियों के दायित्वों संबंधी जानकारी दी।
मुख्य विकास अधिकारी अनुज सिंह ने सभी नोडल अधिकारियों को उनके क्षेत्रों में ओडीएफ एवं सफाई के कार्यों को तेजी से कराने का निर्देश दिया। कार्यक्रम में दीनानाथ गुप्ता, जिला कंसलटेंट बच्चा सिंह, पवन उपाध्याय, खंड प्रेरक चेतई पटवा, आशुतोष वर्मा, जिला विकास अधिकारी बब्बन उपाध्याय समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।