गोरखपुर। ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के आह्वान पर ट्रक ऑपरेटरों की हड़ताल को बुधवार को छह दिन हो गए मगर बाजार पर इसका कोई खास असर नहीं दिखा। भले ही महेवा मंडी में पहले की तुलना में बुधवार को करीब 20 फीसदी ट्रक कम आएं हों, लेकिन बरगदवां होते हुए नेपाल जाने वाले ट्रकों का संचालन पहले की तरह ही हो रहा है और नकहा रेलवे स्टेशन पर सीमेंट-खाद आदि की रैक पर भी कोई असर नहीं दिख रहा। बिल्डिंग मैटेरियल की दुकानों पर पूर्व की ही तरह माल पहुंच रहा है। दो पहिया और चार पहिया वाहनों के शोरूम में भी गाड़ियां पहुंच रही हैं। रात में भी नो एंट्री खुलने के बाद शहर एवं हाईवे पर ट्रकों की कतारें दिख रही हैं।
यही नहीं, हड़ताल के बावजूद महेवा मंडी में रोजमर्रा की कई वस्तुओं के दाम घट गए हैं। चीनी 3640 रुपये प्रति क्विंटल की जगह बुधवार को 3580 से 3600 रुपये प्रति क्विंटल की दर से बिकी। मैदा के दाम में भी 25 से 40 रुपये की कमी आई है। दाल के दाम स्थिर हैं मगर टमाटर नासिक से तथा नींबू बंगाल व आंध्र प्रदेश से आने की वजह से थोड़ी दिक्कत हुई है। आलू-प्याज के दाम में भी कोई विशेष अंतर नहीं दिखा।
एसोसिएशन ने भी सब्जी, फल, दूध समेत रोजमर्रा के इस्तेमाल वाली वस्तुओं को ले जाने-ले आने वाले ट्रकों के संचालन पर रोक नहीं लगाई है। हालांकि गोरखपुर गुड्स ट्रांसपोर्ट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष आरके तिवारी व गोरखपुर ट्रक ऑपरेटर एसोसिएशन के अध्यक्ष एसपी पांडेय का कहना है कि लोगों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए ही रोजमर्रा की इस्तेमाल होने वाली वस्तुओं को ढोने वाले ट्रकों के संचालन पर रोक नहीं लगाई गई है, लेकिन सरकार इसी तरह अड़ियल रुख अपनाए रही तो हमें भी कठोर निर्णय लेने होंगे।