गोरखपुर। जैसे सूर्य के उदय होने पर रात्रि का अंत होता है, उसी प्रकार भगवान का नाम भक्तों की दुराशा और दोषों सहित समस्त दुखों का नाश कर देता है। ये बातें कथा व्यास मोहनलाल ने सोमवार को गीता वाटिका स्थित श्रीराधाकृष्ण साधना मंदिर में आयोजित श्रीराम कथा के तीसरे दिन कहीं।
उन्होंने कहा कि संसार में सांसारिक संबंधों और वस्तुओं से आशा न कर भगवान से ही आशा की जाए तो कल्याण हो सकता है। ताड़का दुराशा है, सुबाहु दोष है और मारिच दुख है। दुराशा और दोष समाप्त हो जाएं तो दुख अपने आप समाप्त हो जाएगा। हनुमान प्रसाद पोद्दार स्मारक समिति के सचिव उमेश कुमार सिंहानिया ने बताया कि मंगलवार को मां दुर्गा का सहस्त्रार्चन किया जाएगा।