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19 दिन से आश्रम में चल रही थी खींचतान

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अाश्रम पर लगा ताला। - फोटो : अमर उजाला
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बस्ती। श्रीसंत कुटीर आश्रम ट्रस्ट से जुड़ा प्रकरण अचानक सामने नहीं आया है। इसके लिए काफी पहले से खींचतान चल रही थी। एक दिसंबर को मूड़घाट आश्रम के पास स्थित आश्रम से श्यामाचंद उर्फ तपस्यानंद और तीन साध्वियों को बाहर का रास्ता दिखाने के बाद खींचतान बढ़ती चली गई। 17 दिसंबर को जब बाबा सच्चिदानंद को लगा कि अब उसके खिलाफ बगावत का बिगुल बजने वाला है तो वह बैकफुट पर आ गया। उसने अपने शिष्यों विश्वासानंद, अमोदानंद, देवेशानंद, शतानंद, उदयानंद और ज्ञान वैराज्ञानंद से प्रार्थनापत्र भेजवाया। यह प्रार्थनापत्र डीआईजी, एसपी से लेकर मुख्यमंत्री, गृह मंत्री, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग तक भेजा गया। जिसमें स्पष्ट कहा गया है कि लालगंज के सेल्हरा स्थित सतलोक आश्रम और शहर के संत कुटीर आश्रम पर अधिकार जमाने के लिए श्यामानंद बंधु (तीन भाई) अपनी बहन को आगे करके हम सबके गुरुजी पर केस दर्ज कराना चाहते हैं। इसके तीसरे दिन 19 दिसंबर को पूरे मामले का भंडाफोड़ हुआ तो सब सन्न रह गए। जिसमें चार कथित बाबाओं और दो साध्वियों पर गैंगरेप में केस दर्ज हुआ। तभी से आश्रम में ताला लगाकर सभी फरार हैं। एसपी संकल्प शर्मा का कहना है कि आरोपियों की तलाश में तीन टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। जल्द गिरफ्तार नहीं हो सके तो आगे की कार्रवाई शुरू की जाएगी।
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मेडिकल हुआ : बहुचर्चित आश्रम प्रकरण में शिकायत करने वाली महिलाओं का शुक्त्रस्वार को भी मेडिकल हुआ। दोनों पीड़ितों के बालिग-नाबालिग की पुष्टि के अलावा कोहनी आदि का एक्सरे कराया गया। विवेचक ने उनका बयान भी दर्ज किया।

एक और शिकायतकर्ता सामने आयी: आश्रम कांड की शिकार एक और शिकायतकर्ता शुक्त्रस्वार को कचहरी में पहुंची। न्यायिक प्रक्त्रिस्या से अनभिज्ञ पीड़िता ने बाकी दोनों शिकायतकर्ताओं से मुलाकात भी की। जिसमें उसने खुद पर वर्षों से शोषण होने की बात कह रही थी। उसके अधिवक्ता ने बताया कि शनिवार को वह प्रार्थनापत्र देगी।
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