उनवल।
बाढ़ के बाद डायरिया ने पांव पसारना शुरू कर दिया है। कस्बा संग्रामपुर उनवल में चौबीस घंटे के भीतर चार लोगों की मौत हो गई, जबकि सौ से ज्यादा लोग इसकी चपेट में हैं। इसकी जानकारी होते ही स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया। सीएमओ रवींद्र कुमार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र उनवल पहुंचे और आपात व्यवस्था के तहत डॉक्टरों की टीम को स्थिति को नियंत्रण करने का निर्देश दिया।
उनवल कस्बा आमी नदी की बाढ़ से घिरा था। अभी भी पूरी तरह से पानी हटा नहीं है। शनिवार रात से यहां डायरिया का प्रकोप शुरू हुआ। इस दिन श्रवण की पत्नी मनीषा को उल्टी-दस्त शुरू हुआ। कस्बे के एक निजी अस्पताल में ले जाते समय रास्ते में उनकी मौत हो गई। इसके बाद रविवार सुबह जगदीश की बेटी पूजा, कन्हैया की पत्नी सावित्री और लूद्दूर की पत्नी अमेरिका को गंभीर हालत में पीएचसी उनवल ले जाया गया। अस्पताल बंद होने से परिवार के लोग उन्हें गोरखपुर में अलग-अलग अस्पतालों में ले गए जहां कुछ देर बाद तीनों की मौत हो गई। डायरिया की चपेट में आने वालों में ज्यादातर महिलाएं और बच्चे शामिल हैं। रविवार देर शाम तक पीएचसी पर डायरिया के सौ से अधिक मरीज पंजीकृत किए गए। इनमें से ज्यादातर को इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई। यहां सुमन 50, कुसुम 30, सन्नी 8, विकास 10, बविता 30, प्रियंका 10, किरन 18, रेखा 22 और प्रेमशीला 40 को भर्ती किया गया है। अस्पताल में जगह के अभाव में कई मरीजों का इलाज परिसर में टेंट लगाकर किया जा रहा है। बीमारी को लेकर गांव वालों में अफरातफरी मची है। जानकारी होते ही सीएमओ रवींद्र कुमार पीएचसी पहुंच गए। उन्होंने मरीजों का हाल जाना। उन्हाेंने बांसगांव सीएचसी प्रभारी डॉ. अच्युत प्रसाद के नेतृत्व में स्वास्थ्य कर्मियों की टीम गठित कर मरीजों का समुचित इलाज समेत अन्य जरूरी कदम उठाने का निर्देश दिया।
बांटी गई क्लोरीन की गोलियां और दवाएं
सीएमओ रवींद्र कुमार बांसगांव सीएचसी प्रभारी डॉ. अच्युत प्रसाद के नेतृत्व में गठित टीम गठित के साथ उनवल कस्बे में पहुंचे। टीम द्वारा लोगों में क्लोरीन की गोलियां और दवाएं बांटी गईं। सीएमओ ने टीम को स्थिति पर नजर रखने और मरीजों के इलाज में किसी प्रकार की लापरवाही न बरते का निर्देश दिया।
मछली का सेवन न करने की सलाह
सीएमओ ने लोगों को एक माह तक हरहाल में मछली का सेवन न करने की सलाह दी है। इसके अलावा पानी को उबाल कर पीनेे, बासी भोजन न करने और घर के आसपास गंदगी व गंदा पानी एकत्र न होने देने की भी अपील की है।
मछली की दुकानें बंद कराईं
डायरिया के प्रकोप के बाद खजनी के तहसीलदार विपिन कुमार सिंह रविवार को उनवल कस्बे में पहुंचे और मछली की दुकानों को बंद कराया। उन्होंने सोमवार से छोटी मछली न बेचने का निर्देश देते हुए कहा कि यदि किसी ने इसका उल्लंघन किया तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
पीएचसी पर नहीं रहते डॉक्टर
कस्बा उनवल संग्रामपुर में स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर चिकित्सक नहीं मिलते। यहां की व्यवस्था भगवान भरोसे है। कस्बे के अनिल चौधरी, उमाशंकर निषाद और संजू यादव कहते हैं कि दो बेड वाले इस अस्पताल में अक्सर डॉक्टर नदारद रहते हैं। अस्पताल ज्यादातर बंद रहता है। दवाएं भी नहीं मिलतीं। इसके लिए लोगों ने कई बार आवाज उठाई, लेकिन कोई सुनता नहीं।
डायरिया के प्रकोप को देखते हुए बांसगांव सीएचसी प्रभारी के नेतृत्व में टीम गठित करने के साथ ही इलाज से जुड़ी सभी व्यवस्था कर दी गई है। तहसीलदार खजनी विपिन कुमार सिंह से लाइट व बेड की व्यवस्था कराई गई है।
- रवींद्र कुमार, सीएमओ