गोरखपुर। मेडिकल कॉलेज में मासूमों की मौत के 48 घंटे बाद रविवार को गोरखपुर पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मेडिकल कॉलेज के इंसेफेलाइटिस वार्ड का निरीक्षण करने के बाद साफ संकेत दिया कि सरकार इस मामले में बड़ी कार्रवाई करने जा रही है। कहा कि चीफ सेक्रेटरी की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय जांच कमेटी पूरे मामले की जांच कर रही है। भारत सरकार से भी तीन सदस्यीय डॉक्टरों की टीम आई है। जांच रिपोर्ट आने दीजिए, घटना के पीछे जितने लोग भी जिम्मेदार होंगे, किसी को बख्शा नहीं जाएगा।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के साथ पत्रकारों से रूबरू मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार के स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह और चिकित्सा शिक्षामंत्री आशुतोष टंडन निरीक्षण करने आए थे, उनकी रिपोर्ट से मीडिया संतुष्ट नहीं थी। इसलिए मुझे आना पड़ा। प्रधानमंत्री इस घटना को लेकर चिंतित हैं और उन्होंने हरसंभव मदद का भरोसा दिया है। प्रदेश सरकार पर संवेदनहीनता के आरोपों नकारते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क से लेकर संसद तक मैंने इंसेफेलाइटिस के उन्मूलन को लेकर लड़ाई लड़ी है। सवालों का जवाब देते हुए सीएम भावुक भी हो गए। कहा कि मासूमों की मौत पर मुझसे ज्यादा पीड़ा किसको होगी। मासूमों की मौत की ठोस वजह सामने आनी चाहिए। मौत आक्सीजन की कमी से हुई है या कहीं और लापरवाही हुई है। मौत की वजह आने तो दें, दोषियों को ऐसी सजा मिलेगी जो मिसाल बनेगी।
इससे पूर्व सीएम ने मेडिकल कॉलेज के इंसेफेलाइटिस वार्ड में करीब डेढ़ घंटे का वक्त गुजारा। भर्ती बच्चों को देखा और तीमारदारों से बात की। मुख्यमंत्री के साथ चिकित्सा शिक्षा मंत्री आशुतोष टंडन, सांसद शिव प्रताप शुक्ला, कमलेश पासवान, प्रमुख सचिव स्वास्थ्य सहित स्थानीय अफसर मौजूद थे।
निजी प्रेक्टिस वाले डॉक्टरों पर एफआईआर होगी
कुछ सरकारी डॉक्टरों के प्राइवेट प्रेक्टिस के सवाल पर सीएम ने कहा कि ऐसे डॉक्टरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज होगी। बोले, नौ अगस्त की मेडिकल कॉलेज की बैठक में मैं यह बात कह चुका हूं। अब इस पर सख्ती से अमल होगा। मीडिया से मुखातिब होने से पहले डॉक्टरों के साथ बंद कमरे की समीक्षा में मुख्यमंत्री ने मेडिकल कॉलेज के बाल रोग विशेषज्ञ एवं इंसेफेलाइटिस वार्ड के प्रभारी डॉ. कफील अहमद सहित कुछ और की कड़ी क्लास ली।
डॉ. पीके सिंह को प्राचार्य का प्रभार
अंबेडकरनगर मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. पीके सिंह को गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। मुख्यमंत्री के गोरखपुर मेडिकल कॉलेज के दौरे के दौरान ही इस आशय का पत्र अपर मुख्य सचिव चिकित्सा शिक्षा, अनीता भटनागर जैन की ओर से जारी किया गया। रविवार दोपहर बाद डॉ. पीके सिंह गोरखपुर पहुंच गए और मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों के साथ जरूरी तैयारियों पर बैठक भी की।