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प्रधानाध्यापक ने रख ली खुद की ‘अध्यापिका’

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पौली(संतकबीरनगर)। सर्वशिक्षा अभियान के तहत सरकार बच्चों को बेहतर शिक्षा देने में जुटी है। बच्चे प्रतिदिन स्कूल आएं, इसके मध्याह्न भोजन, निशुल्क पुस्तक, यूनिफार्म आदि दी जा रहीं हैं। पर, इस अभियान को अध्यापक ही पलीता लगा रहे हैं। पौली ब्लॉक के कोहलवा गांव में स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय में यहां के प्रधानाध्यापक ने निजी अध्यापिका रख ली। वर्तमान में बीए पास यह निजी अध्यापिका ही बच्चों को भविष्य सुधार रही है।
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अमर उजाला टीम जब सुबह साढ़े दस बजे जब स्कूल पहुुंची तो यहां प्रधानाध्यापक अलाउद्दीन नहीं मिले। यहां पढ़ा रही एक युवती से पूछने पर उसने अपना नाम नीलम निवासी कोहलवा बताया और तत्काल प्रधानाध्यापक को इसकी सूचना दी। करीब एक घंटे बाद प्रधानाध्यापक अलाउद्दीन भी विद्यालय पहुंचे। भोजन में सब्जी और चावल बना होने की जानकारी दी। मध्याह्न भोजन के रजिस्टर में दो दिन से बच्चों की संख्या, समय अंकित नहीं था। पूछने पर बताया कि वह प्रतिदिन विद्यालय आते हैं, जबकि रजिस्टर में दो दिन से हस्ताक्षर अंकित नहीं था। आनन-फानन में कार्यालय में पहुंचे और एमडीएम व उपस्थिति पंजिका की दुरुस्त कर स्कूल में 17 बच्चों का पंजीकरण होना बताया। वहीं नीलम ने बताया कि उसने इसी साल बीए किया है और पिछले पांच साल से विद्यालय में बच्चों को पढ़ाती है। प्रधानाध्यापक उसे प्रत्येक महीने 1200 रुपये पारिश्रमिक देते हैं। वह प्रधानाध्यापक के रहने और न रहने दोनों ही दशाओं में बच्चों को पढ़ाती है। वहीं प्रधानाध्यापक ने बताया कि जब वह मीटिंग अथवा सरकारी कार्य से बाहर जाते हैं, तब उनकी जगह पर नीलम बच्चों को पढ़ाती है, ताकि विद्यालय बंद न रहे। कक्षा सात की छात्रा साजल से पूछा गया कि सात को अंग्रेजी में क्या कहते हैं तो वह बताने में असमर्थ रही। जबकि आठवीं के विद्यार्थी अमित कुमार भी सप्ताह में दिनों की संख्या नहीं बता पाए। कक्षा में मौजूद साधना और परमित के साथ ही अन्य विद्यार्थियों ने बताया कि मैडम जी उन्हें रोज पढ़ाती है और हेड मास्टर साहब कभी-कभी विद्यालय आते हैं और कुछ देर बाद चले जाते हैं। वहीं प्रधान अनिल कुमार ने बताया कि कभी- कभी हेड मास्टर नहीं आते है। गांव की शिक्षित बेरोजगार नीलम को प्रधानाध्यापक ने ही पढ़ाने के लिए रख रखा है। वहीं बीईओ अशोक कुमार ने स्कूल में प्रधानाध्यापक की जगह युवती के जरिए बच्चों को पढ़ाए जाने की जानकारी से अनिभज्ञता जाहिर की। अलबत्ता उन्होंने जांच कर कार्रवाई कराने की जानकारी दी। वहीं बीएसए माया सिंह ने बताया कि परिषदीय स्कूल में नियुक्त शिक्षक ही अध्यापन कार्य करने के लिए अधिकृत है। उनकी जगह यदि कोई प्राइवेट व्यक्ति पढ़ा रहा है तो मामला बेहद गंभीर है। मामले की जांच कराएंगी और यदि मामला सही मिला तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी।
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