रोजगार मेले में बीटेक और एमबीए की डिग्री हासिल करने वाले भी कुछ युवा पहुंचे और सेल्स एग्जीक्यूटिव के लिए इंटरव्यू दिया। बशारतपुर के रहने वाले एक युवा ने बताया कि वाराणसी के कॉलेज से बीटेक और एमएमएमयूटी से एमबीए किया। काफी दिन बाहर नौकरी तलाश की पर सफलता नहीं मिली। परिवारिक समस्याओं की वजह से वापस शहर में लौटना पड़ा। यहां योग्यता रखने के बावजूद अच्छी नौकरी की उम्मीद बेमानी है। मजबूरी में सेल्स एक्जीक्यूटिव के लिए एमबी कंपनी में इंटरव्यू दिया है। पूरी पढ़ाई में करीब 10 लाख रुपये खर्च हो गए, मगर यहां इस क्षेत्र से जुड़ी नौकरी की संभावनाएं ना के बराबर हैं, इसलिए फील्ड बदलने की सोची है।
इससे पूर्व रोजगार मेला का शुभारंभ कमिश्नर अनिल कुमार ने गुरुवार को किया। संबोधन में कहा कि योगी सरकार की प्राथमिकताओं में बेरोजगारों को रोजगार उपलब्ध कराना है। इसे ध्यान में रखकर वृहद रोजगार मेला का आयोजन किया गया है। डीएम राजीव रौतेला ने कहा कि आज के युग में तकनीकी शिक्षा की जानकारी होना महत्वपूर्ण है। सभी अभ्यर्थी मेहनत से काम करें। इस अवसर पर मिशन निदेशक कौशल विकास मिशन राजेश कुमार, सीडीओ अनुज सिंह, उपनिदेशक वीएन मिश्रा आदि मौजूद थे।
1926 बरोजेगारों को मिली नौकरी
पंडित दीनदयाल उपाध्याय को समर्पित अब तक के सबसे बड़े रोजगार मेला के पहले दिन 1926 बेरोजगारों को नौकरी मिली है। वहीं 19 कंपनियां शुक्रवार को अपना रिजल्ट जारी करेंगी। पहले दिन 49 कंपनियों को रोजगार मेला में शामिल होना था, इसमें 47 कंपनियों से शिरकत की। नौ हजार युवाओं को पहले दिन इंटरव्यू के लिए बुलाया गया था।
रोजगार मेला के लिए गोरखपुर मंडल से युवाओं के आने का सिलसिला सुबह से ही शुरू हो गया था, देर शाम तक चयन की प्रक्रिया दीक्षा भवन में जारी रही। कुछ कंपनियों ने अपने परिणाम शाम को ही घोषित कर दिए तो कुछ ने अगले दिन घोषित करने का आश्वासन दिया। मेन गेट से प्रवेश के बाद रजिस्ट्रेशन की स्लिप दिखाने पर उन्हें संबंधित कंपनी के कमरे में भेज दिया जा रहा था। जहां दस्तावेजों के सत्यापन के साथ इंटरव्यू लिया गया। इंटरव्यू में ज्यादातर सवाल आवेदित पद से जुड़े पूछे गए। इसके बाद उन्हें ग्रेडिंग दी जा रही थी। ए ग्रेड वालों को तुरंत ही नौकरी के लिए चयनित कर लिया जा रहा था। बी और सी ग्रेड वालों को वेटिंग में रखा गया। रोजगार मेला शुक्रवार को भी दीक्षा भवन में जारी रहेगा।