फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

खरीदें लेकिन जांच-परख के बाद

विज्ञापन
विज्ञापन
खरीदें लेकिन जांच-परख के बाद
विज्ञापन

होली पर मिलावटी सामानों की बिक्री की आशंका पर दुकानों की जांच शुरू
अमर उजाला ब्यूरो
महराजगंज। होली नजदीक आते देख मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री बढ़ गई है। ऐसे में सामान खरीदने से पहले सावधानी जरूरी है। थोड़ी सी लापरवाही सेहत पर भारी पड़ सकती है। उधर, खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने मिलावटी खाद्य पदार्थों की जांच तेज कर दी है। मार्च माह में अब तक 23 नमूने लेकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। विभाग की तरफ से 20 दुकानदारों को साफ सफाई बेहतर रखने के लिए नोटिस जारी किया गया है।
मिलावटी खाद्य पदार्थों की जांच के लिए खाद्य एवं औषधि प्रशासन की ओर से टीमें गठित कर दी गई हैं। टीमों में शामिल अधिकारी हर रोज दुकानों से नमूने लेकर जांच के लिए भेज रहे हैं। मार्च माह में 23 नमूने लेकर जांच के लिए भेजे जा चुके हैं। पनीर, खोवा, नमकीन, पेड़ा, तेल, बेसन आदि के नमूने जांच के लिए भेजे जा चुके हैं। दुकानों पर स्वच्छता एवं भंडारण ठीक ढंग से करने के लिए 20 दुकानदारों को नोटिस जारी किया गया है।
विज्ञापन

खाद्य सुरक्षा अधिकारी अमित कुमार पांडेय ने बताया कि दूध में मिलावट की जांच के बारे में जानकारी दी। बताया कि आधा कप दूध में बराबर मात्रा में पानी मिलाएं। पानी मिलाने पर अगर झाग निकले से समझना चाहिए दूध में मिलावट है। दूध को हथेलियों के बीच रगड़ें। यदि साबुन जैसा लगे तो सिंथेटिक दूध हो सकता है। गर्म करने पर सिंथेटिक दूध हल्का पीला हो जाता है।
उन्होंने खोवा की भी जांच की भी जानकारी दी। बताया कि खोवा को अंगूठे के नाखून पर रगड़ें, यदि असली है तो इसमें से घी की महक आएगी। हथेली पर खोवे की गोली बनाएं। अगर यह फटने लगे तो समझ लें कि वह नकली है या इसमें मिलावट है। उन्होंने बताया कि खोवा में थोड़ी चीनी डालकर गरम करने पर अगर यह पानी छोड़ने लगे तो नकली है। बेसन की पहचान के लिए कांच के गिलास में थोड़ा सा बेसन लें और उसमें थोड़ा सा पानी डालें, फिर उसमें हाइड्रोक्लोरिक एसिड की चार से पांच बूंदे डालें। एसिड डालते ही जामुनी रंग आ जाए तो समझ लें मिलावट है।
अभिहित अधिकारी अमित कुमार सिंह ने बताया कि होली पर मिलावटी सामानों की बिक्री तेज हो जाती है। इसके मद्देनजर जांच अभियान तेज कर दिया गया है। मिलावट करने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अब तक 23 नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं।
विज्ञापन

डॉ. एएम भाष्कर ने बताया कि त्योहार मे बिकने वाली मिठाई आम तौर पहले ही बना ली जाती है। उसे ताजा दिखाने के लिए रंग और केमिकल का प्रयोग किया जाता है। यह स्वास्थ्य के लिए हानिकारक होता है। मिलावटी खाद्य पदार्थ के सेवन से डायरिया व पेट संबंधी बीमारी हो जाती है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें