महाराण प्रताप पुण्य तिथि कार्यक्रम में मौजूद विद्यार्थी
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गोरखपुर। महाराणा प्रताप पीजी कॉलेज जंगल धूसड़ में आयोजित भारत-भारती पखवारा के तहत शनिवार को महाराणा प्रताप की पुण्यतिथि मनाई गई। मुख्य अतिथि अखिल भारतीय इतिहास संकलन योजना के राष्ट्रीय संगठन सचिव और इतिहासविद् डॉ. बालमुकुंद पांडेय समेत अन्य विद्वानों ने महाराणा प्रताप के इतिहास पर प्रकाश डाला। डॉ. बालमुकुंद ने कहा कि महाराणा प्रताप यश शौर्य और राष्ट्र स्वाभिमान के दैदीप्यमान नक्षत्र हैं। उनका सम्पूर्ण जीवन इतिहास उस अक्षयवट के समान है जो युवाओं को निरंतर प्रेरित करता रहेगा।
कहा कि मध्यकालीन भारत में महाराणा प्रताप स्वाधीन चेतना के वैसे ही नायक हैं जैसे बीसवीं शताब्दी में भगत सिंह, आजाद, बिस्मिल जैसे क्रांतिकारी थे। उनका नाम भारत के शिखर के अमर-सपूतों में दर्ज है। गोरखपुर विश्वविद्यालय के राजनीतिशास्त्र के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अमित कुमार उपाध्याय ने कहा कि राष्ट्र-समाज के लिए त्याग-बलिदान के पर्याय है महाराणा प्रताप। उनका जीवन दर्शन युवाओं में देश की सुरक्षा और संरक्षा का संकल्प पैदा करने का माद्दा रखता है। स्वागत भाषण डॉ. प्रदीप कुमार राव ने दिया। संचालन डॉ. कृष्ण कुमार पाठक ने किया। डॉ. आरएन सिंह, डॉ. शिव कुमार बर्नवाल, डॉ. अविनाश प्रताप सिंह, डॉ. प्रज्ञेश कुमार मिश्र, डॉ. सुभाष कुमार गुप्ता आदि मौजूद रहे।