गोरखपुर। दिवाली पर हुई आतिशबाजी से शहर की हवा में प्रदूषण का स्तर खतरनाक ढंग से बढ़ गया है। दो और चार पहिया वाहनों से निकलने वाले धुएं से ही स्थिति गंभीर बनी हुई थी। अब पटाखों ने इसे सामान्य से डेढ़ गुना ज्यादा तक पहुंचा दिया। इंडिया मेटेरोलोजिकल डिपार्टमेंट (आईएमडी) की ओर से सेटेलाइट से जुटाए गए आंकड़ों की मानें तो वायु का प्रदूषण सामान्य से दोगुना है।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड गोरखपुर, मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमएमएमयूटी) के शोध छात्रों से गोरखपुर के रिहायशी, औद्योगिक और व्यवसायिक स्थानों पर प्रदूषण स्तर का आंकड़ा एकत्रित कराता है। एमएमएमयूटी के शिक्षक डॉ. गोविंद पांडेय के और सहायक वैज्ञानिक सत्येंद्र नाथ यादव ने दिवाली के पहले और बाद में शहर की वायु में प्रदूषण का स्तर नापा तो इसमें डेढ़ गुने का अंतर सामने आया।
डॉ. गोविंद पांडेय ने बताया हवा में पर्टिकुलर मैटर-10 (पीएम-10) का स्तर रिहायशी, औद्योगिक और व्यवसायिक इलाकों में 60 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर से ज्यादा नहीं होना चाहिए। लेकिन दिवाली के बाद इसका स्तर डेढ़ गुना ज्यादा हो गया है। पीएम-10 की यह बढ़ोतरी स्वास्थ्य के लिए बहुत खतरनाक है। पीएम-10 सीधे श्वसन तंत्र को प्रभावित करते हैं। इससे सांस संबंधी रोगियों, बच्चों और वृद्धों को काफी परेशानी होती है। मौसम विशेषज्ञ कैलाश पांडेय ने बताया आईएमडी की ओर से सेटेलाइट के जरिए लिए गए चित्रों में मंगलवार को शहर में पीएम-10 की मात्रा 160 थी जो बुधवार को 300 पहुंच गई थी।
हवा में पीएम-10 की मात्रा
दिवाली के पहले : 5 नवंबर पीएम-10 एसपीएम
रिहायशी इलाका(एमएमएमयूटी) 129 211
औद्योगिक इलाका (आईजीएल सहजनवां) 317 406
व्यवसायिक इलाका (गोलघर) 236 343
दिवाली के बाद 8 नवंबर पीएम-10 एसपीएम
रिहायशी इलाका (एमएमएमयूटी) 187 247
औद्योगिक इलाका (आईजीएल सहजनवां) 387 431
व्यवसायिक इलाका (गोलघर) 287 392