सांथा में राजकीय महाविद्यालय खोले जाने की मांग
बालिकाएं उच्च शिक्षा से हो रहीं वंचित
अमर उजाला ब्यूरो
सांथा। विकास खंड सांथा में एक भी राजकीय महिला महाविद्यालय न होने से तमाम बालिकाओं को उच्च शिक्षा से वंचित होना पड़ रहा हैं। इससे क्षेत्र रहने वाले अभिभावक अपनी बेटियों को बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए मजबूरी में दूर भेजने के लिए विवश हैं। ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों से क्षेत्र में राजकीय महाविघालय खोलवाने की मांग की हैं।
सांथा ब्लॉक क्षेत्र में 81 ग्राम पंचायतें तथा आठ न्याय पंचायतें शामिल हैं। इस ब्लॉक के न्याय पंचायत मेंहदूपार, रमवापुर सरकारी, वौरव्यास, झुडिया, निघुरी, धर्मसिंहवा, करमाकला, करहना में बालिकाओं को इंटरमीडिएट तक की शिक्षा देने के लिए विद्यालय खोले गए हैं। लेकिन पूरे ब्लॉक क्षेत्र में एक भी राजकीय महाविद्यालय नहीं हैं। जिससे स्नातक की पढ़ाई के लिए छात्राओं को ब्लॉक क्षेत्र से बाहर जाना पड़ रहा है।
क्षेत्र के सलाहुद्दीन खान ने कहा कि क्षेत्र में एक भी महाविद्यालय नहीं हैं। इसका सबसे अधिक असर बालिकाओं की शिक्षा पर पड़ रहा हैं। अबरार अहमद ने कहा कि 30 किमी की परिधि में अब तक एक भी राजकीय डिग्री कॉलेज नहीं है। जिससे लड़कियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ता हैं। प्रधान हाजी हदीश खान ने कहा कि गरीबों के बच्चों को स्नातक तक की शिक्षा लेना टेढ़ी खीर है। पूर्व प्रधान हरीशचंद्र चौधरी ने बताया कि इस पिछडे़ क्षेत्र में अब तक किसी भी जनप्रतिनिधि ने महाविद्यालय खोले जाने के लिए सार्थक पहल नहीं की है। महाविद्यालय न होने से बालिकाएं स्नातक की शिक्षा से वंचित हो रही हैं। सरकार को क्षेत्र में एक महाविद्यालय खोलवा देना चाहिए।